देश में अनाज दाल-दलहन, चीनी और खाद्य तेल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

09-May-2025 07:40 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने कहा है कि देश में तमाम आवश्यक खाद्य उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और इसकी आपूर्ति की स्थिति सुगम बनी हुई है इसलिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं है।

केन्द्रीय खाद्य उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री ने कहा है कि लोगों के झूठे अपवादों एवं भ्रामक मैसेज पर बिल्कुल ध्यान नहीं देना चाहिए। देश में खाद्यान्न का भरपूर स्टॉक मौजूद है जो घरेलू मांग एवं जरूरत से बहुत ज्यादा है।

व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, खुदरा करोबारियों एवं व्यवसायिक फर्मों को निर्देश दिया गया है कि आवश्यक वस्तुओं के कारोबार में संलग्न रहकर कानून अनुपालन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करें।

आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी अथवा स्टॉक बढ़ाने में शामिल व्यक्तियों / फर्मों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की सम्बन्धित धाराओं के तहत समुचित कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों को सरकार के साथ सहयोग करना चाहिए।

खाद्यान्न का भंडार 661.70 लाख टन का है जो 5.20 लाख टन की घरेलू जरूरत से काफी अधिक है। हालांकि चीनी का उत्पादन पिछले साल से 18 प्रतिशत कम हुआ है

लेकिन आगामी मार्केटिंग सीजन के आरंभ में उद्योग के पास करीब 54 लाख टन का अधिशेष स्टॉक बचेगा जो शुरूआती दो महीनों की घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगा। अक्टूबर में नया सीजन आरंभ होने तक चीनी की आपूर्ति की कोई समस्या नहीं होगी। 

जहां तक दाल-दलहन की बात है तो 1 मई 2025 को केन्द्रीय पूल में लगभग 18 लाख टन दलहनों का स्टॉक मौजूद था जो न्यूनतम आवश्यक बफर मात्रा 35 लाख टन से काफी कम था। केन्द्रीय पूल में दलहनों के संवर्ग में मूंग, मसूर एवं तुवर का स्टॉक सबसे ज्यादा है।

चना के अन्य माल की आवक घरेलू मंडियों में पहले ही आरंभ हो चुकी है और इसकी खरीद बढ़ाने का प्रयास जारी है। विदेशों से आयातित पीली मटर का अच्छा खासा स्टॉक अभी उपलब्ध है जबकि घरेलू फसल का भी स्टॉक है। 

देश में फिलहाल लगभग 16-17 लाख टन खाद्य तेलों का स्टॉक बचा हुआ है जो 20-25 दिनों की घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। वैसे पिछले कुछ महीनों से आयात कम होने के कारण खाद्य तेलों का स्टॉक सामान्य स्तर से थोड़ा नीचे है।

आमतौर पर देश में एक माह की जरूरत के लायक खाद्य तेलों का स्टॉक मौजूद रहता है। विदेशों से दलहनों एवं खाद्य तेलों का आयात नियमित रूप से जारी है।

उपरोक्त आंकड़ों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि देश में खाद्यान्न, चीनी, दाल-दलहन एवं खाद्य तेलों का पर्याप्त आरक्षित भंडार मौजूद है।