धान के घटते भाव से तेलंगाना के किसानों की चिंता बढ़ी
14-Apr-2025 11:05 AM
हैदराबाद। खुले बाजार में धान की कीमतों में भारी गिरावट आने से तेलंगाना के किसान काफी चिंतित और परेशान हैं क्योंकि वहां रबी कालीन धान की कटाई-तैयारी आरंभ हो गई है।
हालांकि किसानों को औने-पौने दाम पर हताशा और निराशा में अपना उत्पाद बेचने से रोकने के लिए सरकारी स्तर पर सामान्तर खरीद आरंभ हो गई है लेकिन खुले बाजार मूल्य पर इसका बहुत कम असर देखा जा रहा है।
सरकारी एजेंसियों द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान की खरीद शुरू की गई है। तेलंगाना रबी कालीन धान के अग्रणी उत्पादक राज्यों में शामिल हैं। वहां खरीफ सीजन में भी धान का विशाल उत्पादन होता है।
प्राइवेट खरीदार और खासकर राइस मिलर्स फिलहाल मंडियों में किसानों से धान की खरीद करने में बहुत कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
हालांकि राज्य में इस बार सामान्य श्रेणी के धान का भाव 2320 से 2530 रुपए प्रति क्विंटल तथा 'ए' ग्रेड का दाम 2630 से 2970 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रहने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा था लेकिन हकीकत में वहां फाइन वैरायटी के धान का मूल्य फिलहाल खुले बाजार में 1900-2000 रुपए प्रति क्विंटल ही चल रहा है।
तेलंगाना में रबी कालीन धान का मार्केटिंग सीजन मार्च से मई के बीच माना जाता है। धान के मूल्य का उपरोक्त अनुमान सूर्यापेट तथा जम्मीकुंटा के रेग्युलेटेड मार्केट में पिछले 22 वर्षों के औसत मासिक (मॉडल) मूल्य के आधार पर लगाया गया था।
उम्मीद की जा रही थी कि भारत सरकार द्वारा सभी किस्मों एवं श्रेणियों के चावल को निर्यात प्रतिबंधों एवं नियंत्रणों से पूरी तरह मुक्त किए जाने के बाद तेलंगाना के राइस मिलर्स, प्रोसेसर्स एवं निर्यातक धान की खरीद में भारी दिलचस्पी दिखाएंगे लेकिन अभी तक वहां इस तरह का कोई संकेत दिखाई नहीं पड़ रहा है।
बाजार भाव काफी नीचे होने से किसानों को धान का लागत खर्च हासिल करने के लिए भी कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है।
तेलंगाना में इस बार धान की फसल के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल नहीं रहा और बेमौसमी वर्षा से फसल की क्वालिटी प्रभावित हुई।
दूसरी ओर सरकार ने एमएसपी पर खरीदे जाने वाले धान की गुणवत्ता के मानकों को काफी सख्त बना दिया है। मिलर्स प्रत्येक क्विंटल की खरीद के लिए धान की मात्रा 4 किलो तक घटा रहे हैं जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
