धान की जोरदार खरीद से चावल का सरकारी स्टॉक बढ़ा

23-Dec-2025 11:29 AM

नई दिल्ली। खरीफ कालीन धान की जोरदार खरीद जारी रहने से केंद्रीय  पूल में चावल का स्टॉक लगातार तेजी से बढ़ता जा रहा है और अब वह पिछले साल से करीब 12 प्रतिशत बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

सरकारी गोदामों में पहले से ही चावल का विशाल स्टॉक मौजूद था। भारत दुनिया में चावल का सबसे प्रमुख निर्यातक एवं दूसरा सबसे बढ़ा उत्पादक देश बना हुआ है। 

शानदार घरेलू उत्पादन के कारण भारत से चावल के निर्यात में अच्छी वृद्धि होने की उम्मीद है जिससे थाईलैंड वियतनाम एवं पाकिस्तान जैसे प्रतिद्वन्द्वी  निर्यातक देशों पर दबाव पड़ सकता है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1 दिसम्बर 2025 को केन्द्रीय पूल में धान चावल का कुल स्टॉक बढ़कर 575.70 लाख टन पर पहुंच गया जो 1 जनवरी के लिए नियत न्यूनतम आवश्यक मात्रा से बहुत अधिक है।

इसी तरह गेहूं का सरकारी स्टॉक भी गत वर्ष के 206 लाख टन से बढ़कर इस बार 291.40 लाख टन हो गया।  

उपलब्ध-आंकड़ों के मुताबिक चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन में अब तक सरकारी एजेंसियों द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर करीब 422 टन धान की खरीद की जा चुकी है और कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को इसका स्टॉक आवंटित किया जा रहा है। 

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार यद्यपि वर्तमान समय में चावल की निर्यात मांग ज्यादा मजबूत नहीं है लेकिन रुपए के जोरदार अवमूल्यन से निर्यातकों को अपने चावल का निर्यात ऑफर मूल्य प्रतिस्पर्धी स्तर पर बरकरार रखने में सहायता मिल रही है।

विशाल सरकारी खरीद एवं स्टॉक के बावजूद घरेलू बाजार में चावल की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है जिससे निर्यात उद्देश्य के लिए चावल का स्टॉक हासिल करने में निर्यातकों को कोई कठिनाई नहीं हो रही है।