धान के क्षेत्रफल में शानदार वृद्धि से पैदावार बेहतर होने के आसार

23-Sep-2025 04:42 PM

नई दिल्ली। खरीफ सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न-धान की खेती के प्रति भारतीय किसानों द्वारा इस बार भारी उत्साह दिखाया गया है। इसके फलस्वरूप 12 सितम्बर 2025 तक इसका कुल उत्पादन क्षेत्र तेजी से बढ़कर 438.51 लाख हेक्टेयर के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के रकबा 430.06 लाख हेक्टेयर से 8.45 लाख हेक्टेयर अधिक है।

यह रकबा सामान्य (पंचवर्षीय) औसत क्षेत्रफल से भी काफी अधिक है। दरअसल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सीजन में पर्याप्त वर्षा होने तथा एमएसपी पर खरीद की निश्चित गारंटी रहने से धान की खेती के प्रति किसानों का उत्साह एवं आकर्षण बढ़ गया। अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में क्षेत्रफल बढ़ा है। 

केन्द्र सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2024-25 की तुलना में 2025-26 सीजन के लिए 69 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है।

इसके फलस्वरूप सामान्य श्रेणी के धान का समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़कर 2369 रुपए प्रति क्विंटल तथा 'ए' ग्रेड का एमएसपी 2320 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़कर 2389 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। मालूम हो कि बासमती धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित नहीं होता है क्योंकि इसका बाजार भाव काफी ऊंचा रहता है।   

कुछ क्षेत्रों में भयंकर बाढ़ आने से धान की फसल को थोड़ी-बहुत क्षति हुई है मगर देश के शेष भाग में फसल की हालत काफी अच्छी बताई जा रही है।

इसके फलस्वरूप धान और चावल का उत्पादन बढ़ने के आसार हैं। इससे सरकार की कठिनाई बढ़ सकती है क्योंकि केन्द्रीय पूल में पहले से ही चावल का अत्यन्त विशाल स्टॉक मौजूद है।

सरकार ने चावल की खरीद का लक्ष्य घटा दिया है। अगले महीने से पंजाब, हरियाणा एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान की आवक तथा सरकारी खरीद आरंभ हो जाएगी।