धान, मक्का और मूंग का क्षेत्रफल बढ़ने के हैं खास कारण
30-Jul-2025 04:25 PM
नई दिल्ली। पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर धान, मक्का तथा मूंग के उत्पादक क्षेत्र में भारी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है जबकि अन्य फसलों के बिजाई क्षेत्र में मामूली वृद्धि, स्थिरता या गिरावट के संकेत मिल रहे हैं।
फसलों के चयन में किसानों ने इस बार दूरदर्शिता का परिचय दिया है। उन्हें पता है कि धान की सम्पूर्ण विपणन योग्य मात्रा का न्यूनतम समर्थन मूल्य अवश्य प्राप्त होगा और मक्का का बाजार भी आगे मजबूत बना रहेगा
क्योंकि एथनॉल निर्माण में इसकी जबरदस्त मांग बनी रहेगी। मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले से ही काफी ऊंचे स्तर पर है और इसका थोक मंडी भाव भी किसानों के लिए लाभप्रद स्तर पर रहता है।
मक्का तथा उससे निर्मित उत्पादों में महंगाई की दर जुलाई 2024 के 5.29 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई 2025 में 7.21 प्रतिशत पर पहुंच गई। अप्रैल 2025 में तो यह 8 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई थी मगर बाद में गिरकर कुछ नीचे आ गई।
मक्का की खेती अब किसानों में काफी लोकप्रिय हो गई है क्योंकि अक्सर इसका थोक मंडी भाव सरकारी समर्थन मूल्य से ऊंचा रहता है और किसानों को लाभप्रद मूल्य पर अपना उत्पाद बेचने के लिए कोई संघर्ष नहीं करना पड़ता है।
परम्परागत खपतकर्ता उद्योगों के साथ-साथ एथनॉल निर्माण भी इसकी खरीद में भारी सक्रियता दिखाते हैं। किसानों को शानदार वापसी हासिल होने से मक्का की खेती के प्रति उसका उत्साह एवं आकर्षण स्वाभाविक रूप से बढ़ गया है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल के मुकाबले वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान देश में 25 जुलाई तक धान का उत्पादन क्षेत्र 216.15 लाख हेक्टेयर से 29 लाख हेक्टेयर उछलकर 245.15 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का बिजाई क्षेत्र 78.90 लाख हेक्टेयर से 6.70 लाख हेक्टेयर बढ़कर 85.60 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। इसी तरह मूंग का क्षेत्रफल भी गत वर्ष के 26.35 लाख हेक्टेयर से 4.25 लाख हेक्टेयर बढ़कर इस बार 30.60 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
धान की रोपाई अभी लम्बे समय तक जारी रहेगी जिससे इसके क्षेत्रफल में नियमित रूप से विस्तार होता रहेगा। ऐसा प्रतीत होता है कि धान का रकबा घटाने का सरकारी प्रयास कारगर साबित नहीं हो रहा है और किसान किसी प्रलोभन में फंसने को तैयार नहीं है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अच्छी बारिश हो रही है जो धान की खेती के लिए आवश्यक है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। मक्का का बिजाई क्षेत्र पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल से आगे निकल गया है जबकि मूंग का रकबा उसके काफी करीब पहुंच गया है।
