उड़ीसा में 15 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को मुफ्त चावल का वितरण बंद
17-Oct-2025 03:49 PM
भुवनेश्वर। उड़ीसा सरकार ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय एवं प्रांतीय खाद्य सुरक्षा स्कीम के तहत उन 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त चावल का वितरण रोक दिया जाएगा। जिसने ई-के वाई सी (नो योर कस्टमर या अपने ग्राहकों को जानें) की प्रक्रिया पूरी नहीं है।
इसके बजाए जिन लाभार्थियों ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है उसका कोटा दोगुना कर दिया जाएगा। अगले महीने (नवम्बर) से यह नया नियम लागू हो जाएगा।
उड़ीसा के खाद्य आपूर्ति मंत्री का कहना है कि यह निर्णय केन्द्र सरकार के दिशा निर्देश की तर्ज पर किया गया है जिसमें सभी राशन कार्ड धारकों के लिए 'के वाई सी' को अनिवार्य बना दिया गया है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का लाभ उठाने के लिए 'के वाई सी' आवश्यक है। खाद्य आपूर्ति मंत्री के अनुसार समूचे उड़ीसा प्रान्त में ऐसे 15.67 लाख लाभार्थी की पहचान हुई है
जो बार-बार आगाह किए जाने के बावजूद अभी तक अपने 'के वाई सी' का सत्यापन नहीं करवा सके हैं। इसके लिए कई बार समय भी बढ़ाया गया। ऐसे लाभार्थियों को अक्टूबर तक चावल दिया जा रहा है लेकिन अगले महीने से इसका वितरण रोक दिया जाएगा।
खाद्य आपूर्ति मंत्री के अनुसार अगर केन्द्र सरकार अनुमति देती है तो 'के वाई सी' के सत्यापन की समयावधि बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।
एक तरफ सत्यापन नहीं करवाने वाले लाभार्थियों का नाम उस सूची से हटाया जाएगा तो दूसरी ओर राज्य सरकार पीडीएस में मुफ्त चावल के मासिक वितरण का कोटा 5 किलो के वर्तमान स्तर से दोगुना बढ़ाकर 10 किलो निर्यात करने की योजना बना रही है।
यह 10 किलो चावल का मासिक कोटा उन लाभार्थियों या राशन कार्ड धारकों के लिए होगा जिसके 'केवाईसी' का सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
खाद्य आपूर्ति तथा उपभोक्ता कल्याण विभाग शीघ्र ही इस आशय का प्रस्ताव राज्य के मुख्यमंत्री के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजेगा। अनेक लाभार्थियों की ओर से लगातार शिकायत मिलती रही है कि वर्तमान कोटा पर्याप्त नहीं है और इसमें बढ़ोत्तरी किए जाने की आवश्यकता है।
