उत्पादन घटने एवं निर्यात शुरू होने से चीनी के दाम में बढ़ोत्तरी
18-Feb-2025 12:53 PM
नई दिल्ली। घरेलू उत्पादन गत वर्ष से काफी पीछे रहने तथा सरकार द्वारा 10 लाख टन के निर्यात की स्वीकृति दिए जाने के मनोवैज्ञानिक असर से चीनी का भाव पिछले एक माह के अंदर करीब 6.5 प्रतिशत बढ़ गया। आगामी समय में भी इसका दाम ऊंचा एवं मजबूत रहने की संभावना है।
उद्योग संगठनों द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले सीजन की तुलना में चालू सीजन के दौरान 15 फरवरी तक चीनी के उत्पादन में 12 प्रतिशत की गिरावट आ गई। अन्य क्रशिंग का सीजन भी इस बार जल्दी समाप्त हो सकता है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार 17 फरवरी को महाराष्ट्र में एस 30 ग्रेड चीनी का एक्स फैक्टरी औसत मूल्य बढ़कर 3790 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया जो एक माह पूर्व 3565 रुपए प्रति क्विंटल तथा दो माह पहले 3380 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा था। इस तरह चीनी के दाम में एक माह के मुकाबले 6.5 प्रतिशत तथा दो माह की तुलना में करीब 12 प्रतिशत का इजाफा हो गया।
आमतौर पर चीनी मिलें 4 से 6 माह तक सक्रिय रहती हैं लेकिन इस बार गन्ना का अभाव होने से अनेक इकाइयां नियत समय से पूर्व ही बंद होने लगी हैं।
पिछले सीजन में 505 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग शुरू हुई थी लेकिन वर्तमान सीजन में 454 इकाइयों में ही क्रशिंग हो सकी।
15 फरवरी 2025 तक देशभर में 77 चीनी मिलें बंद हो गई जबकि गत वर्ष इसकी संख्या 28 ही थी। इस तरह मध्य फरवरी तक केवल 377 चीनी मिलें सक्रिय रहीं जो पिछले साल से लगभग 100 कम है।
बंद होने वाली चीनी मिलों की संख्या कर्नाटक और महाराष्ट्र में सर्वाधिक है। इस्मा तथा एनएफसीएसएफ के अनुसार चालू मार्केटिंग सीजन में 1 अक्टूबर 2024 से 15 फरवरी 2025 के दौरान देश में चीनी का उत्पादन घटकर 197.65 लाख टन पर अटक गया
जो 2023-24 सीजन की समान अवधि के उत्पादन 224.75 लाख टन से 27.10 लाख टन कम था। इस बार गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर में भी गिरावट देखी जा रही है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में चीनी का उत्पादन ज्यादा घटने के संकेत मिल रहे हैं।
