उत्पादन का सीजन जोर पकड़ने से चीनी बाजार में स्थिरता का माहौल
04-Dec-2024 08:08 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय द्वारा दिसम्बर माह के लिए 22 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा जारी किया गया है जो नवम्बर कोटे के बराबर एवं दिसम्बर 2023 के कोटे से काफी कम है। इधर घरेलू प्रभाग में गन्ना की क्रशिंग का नया मार्केटिंग सीजन तो औपचारिक तौर पर अक्टूबर में ही आरंभ हो गया था मगर मध्य नवम्बर के बाद इसकी गतिशीलता बढ़ गई।
अब तीनों शीर्ष चीनी उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक में गन्ना की जोरदार क्रशिंग आरंभ हो चुकी है। इसके अलावा तमिलनाडु, गुजरात, बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा एवं उत्तराखंड जैसे प्रांतों में भी चीनी मिलें क्रियाशील हो चुकी हैं जिससे उत्पादन में वृद्धि की निरंतरता बनी रहेगी।
हालांकि इस बार गन्ना की पैदावार कम होने की संभावना है जबकि एथनॉल निर्माण में इसका उपयोग बढ़ने के आसार हैं जिससे चीनी के उत्पादन में कमी आ सकती है लेकिन पिछले सीजन का बड़ा स्टॉक उपलब्ध रहने से घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी रहेगी।
चीनी के व्यापारिक निर्यात पर पिछले डेढ़ साल से प्रतिबंध लगा हुआ है इसलिए देश में उत्पादित चीनी की लगभग सम्पूर्ण मात्रा का उपयोग घरेलू प्रभाग में ही होगा।
त्यौहारी सीजन के समाप्त होने के बाद घरेलू बाजार में चीनी की मांग सामान्य स्तर पर आ गई है। शादी-विवाह एवं मांगलिक उत्सवों का सीजन होने के बावजूद चीनी की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं देखी जा रही है।
तापमान में भी ज्यादा गिरावट नहीं आई है। औद्योगिक मांग कुछ कमजोर पड़ा है मगर चीनी की खपत में गिरावट आने का एक प्रमुख कारण गुड़ की बढ़ती उपलब्धता माना जा रहा है।
ऐसा प्रतीत होता है कि जाड़े के महीनों में चीनी का भाव एक निश्चित सीमा में थोड़े-बहुत उतार-चढ़ाव के साथ लगभग स्थिर बना रह सकता है। इससे आम उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
