उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने से मूंग का भाव नरम - आगे कुछ तेजी की उम्मीद

12-Dec-2024 08:17 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि खरीफ कालीन मूंग का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के 31.50 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस वर्ष 35.46 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया था।

इसके आधार पर मंत्रालय ने अपने प्रथम अग्रिम अनुमान में मूंग का उत्पादन 11.54 लाख टन से बढ़कर 13.83 लाख टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की है।

बेहतर उत्पादन और मिलर्स / स्टॉकिस्टों की सीमित खरीद के कारण इस महत्वपूर्ण दलहन का थोक मंडी भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी नीचे आ गया।

इसके फलस्वरूप सरकार को अपनी एजेंसियों के माध्यम से मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत किसानों से इसकी खरीद शुरू करनी पड़ी। मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1.4 प्रतिशत बढ़ाकर 8682 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। 

सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान में मंडी भाव नीचे होने से इसकी खरीद में मिलर्स / स्टॉकिस्टों की मांग बढ़ने की संभावना है।

व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक ऐसा प्रतीत होता है कि बाजार अपने निचले स्तर पर आ गया है और आगामी समय में इसके और नीचे जाने की संभावना बहुत कम है।

सरकारी खरीद का समर्थन मिलने से आगामी समय में इसमें कुछ सुधार आ सकता है लेकिन भारी-भरकम स्टॉक को देखते हुए मूंग के दाम में जोरदार तेजी आना भी मुश्किल लगता है। 

हालांकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार तथा झारखंड जैसे राज्यों में मूंग का उत्पादन उत्साहवर्धक नहीं रहा मगर राजस्थान में फसल काफी  अच्छी रही।

कर्नाटक एवं महाराष्ट्र में भी फसल को कुछ नुकसान हुआ था। राजस्थान की मंडियों में मूंग की अच्छी आवक हो रही है और अब खरीदारों की पूछ परख भी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।