उत्तरी क्षेत्र के जलाशयों में 50 प्रतिशत से अधिक पानी का स्टॉक मौजूद
25-Jul-2025 01:49 PM
जयपुर। उत्तरी क्षेत्र के राज्यों और खासकर राजस्थान तथा हिमाचल प्रदेश में मानसून की जोरदार वर्षा होने से नदी-नालों एवं खेत-खलिहानों के साथ-साथ बांधों- जलाशयों में भी पानी भरने लगा है। पंजाब में भी काफी अच्छी बारिश होने की सूचना मिल रही है।
इसके फलस्वरूप इस संभाग के कुल 11 प्रमुख बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर बढ़कर उसकी कुल भंडारण क्षमता के 50 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया है। केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार उत्तरी क्षेत्र के बांधों-जलाशयों में पानी की कुल भंडारण क्षमता 19.386 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है जबकि उसमें 10.194 बीसीएम पानी का स्टॉक मौजूद है।
राजस्थान के बांधों-जलाशयों में भंडारण क्षमता के सापेक्ष पानी का स्तर उछलकर 77.5 प्रतिशत पर पहुंच गया है जबकि यह हिमाचल प्रदेश में बढ़कर 43 प्रतिशत तथा पंजाब में सुधरकर 39 प्रतिशत हो गया है।
राजस्थान में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून न केवल नियत समय से काफी पहले पहुंच गया बल्कि अत्यन्त सक्रिय भी रहा। इसके फलस्वरूप राज्य के विभिन्न जिलों में सामान्य औसत से काफी अधिक बारिश हुई और अब भी हो रही है।
इससे वहां खरीफ फसलों की अगैती खेती शुरू करने में किसानों को सहायता मिली और इसका क्षेत्रफल गत वर्ष से काफी आगे निकल गया। राजस्थान में अभी तक 145 लाख टन से अधिक क्षेत्रफल में खरीफ फसलों की बिजाई पूरी हो चुकी है।
पंजाब में भी इस बार सही समय पर अच्छी वर्षा होने से धान की रोपाई लगभग पूरी हो गई और इस बार रकबा भी बढ़ा है। वहां खरीफ फसलों की अच्छी बिजाई हुई है और इसकी प्रगति भी संतोषजनक ढंग से हो रही है।
जहां तक हिमाचल प्रदेश का सवाल है तो वहां नियमित रूप से अत्यन्त जोरदार बारिश होने, बादल फटने तथा पहाड़ के दड़कने से जान माल का भारी नुकसान होने की खबर आ रही है।
खरीफ फसलों की बिजाई बेहतर ढंग से हो रही है। राजस्थान के कुछ इलाकों में मूसलाधार वर्षा से खेतों में पानी भरने तथा कहीं-कहीं बाढ़ आने से खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
