उत्तरी क्षेत्र के जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से घटने के संकेत

03-Jan-2025 08:21 PM

नई दिल्ली । उत्तरी क्षेत्र के कुल 11 बांधों-जलाशयों में कुल भंडारण क्षमता के साथ केवल 44 प्रतिशत पानी का स्टॉक बचा हुआ है जो गंभीर चिंता का विषय है।

केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 19.836 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है जबकि उसमें केवल 8.775 बीसीएम पानी का भंडार मौजूद है।

पंजाब के एक मात्र जलाशय में तो भंडारण क्षमता के मुकाबले पानी का स्टॉक घटकर महज 22 प्रतिशत रह गया है जबकि हिमाचल प्रदेश में 37 प्रतिशत तथा राजस्थान में 73 प्रतिशत पानी का स्टॉक उपलब्ध है। राजस्थान के जिन इलाकों में हिमाचल प्रदेश के जलाशय से पानी की आपूर्ति होती है वहां स्थिति अच्छी नहीं है। 

जहां तक पूर्वी क्षेत्र का सवाल है तो वहां 25 जलाशय क्रियाशील है और इसमें पानी का स्तर गत वर्ष से कुछ ऊंचा है। इस जलाशयों में पानी की कुल भंडारण क्षमता 20.798 बीसीएम है जबकि इसमें 68.6 प्रतिशत का 14.267 बीसीएम पानी उपस्थित है।

बिहार के एक मात्र जलाशय में केवल 30 प्रतिशत पानी बचा हुआ है जबकि त्रिपुरा के जलाशय में 84 प्रतिशत पानी का स्टॉक है। इसके अलावा उड़ीसा, झारखंड, पश्चिम बंगाल तथा आसाम के जलाशयों में कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले 65 प्रतिशत से अधिक पानी का स्टॉक उपलब्ध है। 

पश्चिमी क्षेत्र की हालत काफी अच्छी मानी जा सकती है क्योंकि वहां 50 जलाशयों में 84 प्रतिशत तक पानी भरा हुआ है जिससे पेयजल एवं फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकता है।

इन जलाशयों में पानी की कुल भंडारण क्षमता 37.357 बीसीएम है जबकि उसमें 31.314 बीसीएम जल का स्टॉक मौजूद है।

गोवा के एक मात्र जलाशय में 98 प्रतिशत, महाराष्ट्र के जलाशयों में 87 प्रतिशत तथा गुजरात के जलाशयों में 81 प्रतिशत पानी का स्टॉक है।