उत्तरी क्षेत्र में कपास का उत्पादन कुछ बढ़ने की संभावना

11-Nov-2025 11:14 AM

भटिंडा। उत्तरी भारत के तीनों प्रमुख उत्पादक राज्यों- राजस्थान, हरियाणा एवं पंजाब में कपास के नए माल की आवक पहले ही आरंभ हो चुकी है लेकिन कुल मिलाकर वहां उत्पादन कुछ बढ़ने की संभावना है।

आरम्भिक अनुमान के अनुसार 2024-25 सीजन की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान कपास का उत्पादन पंजाब में 1.52 लाख गांठ से बढ़कर 1.96 लाख गांठ तथा राजस्थान में 19.25 लाख गांठ से बढ़कर 20.36 लाख गांठ पर पहुंच सकता है जबकि हरियाणा में उत्पादन 7.68 लाख गांठ से घटकर 6.38 लाख गांठ पर सिमट सकता है।

राजस्थान के ऊपरी भाग (गंगानगर सर्किल) में कपास का उत्पादन गत वर्ष के 10.35 लाख गांठ से बढ़कर इस बार 12.44 लाख गांठ पर पहुंचने की उम्मीद व्यक्त की गई है मगर निचले क्षेत्र में उत्पादन 8.90 लाख गांठ से घटकर 7.92 लाख गांठ पर अटक जाने का अनुमान लगाया गया है।

इस तरह सम्पूर्ण उत्तरी क्षेत्र में कपास का सकल उत्पादन 2024-25 सीजन के 28.45 लाख गांठ से सुधरकर 2025-26 के मौजूदा सीजन में 28.70 लाख गांठ पर पहुंचने का अनुमान है। कपास की प्रत्येक गांठ 170 किलो की होती है। 

इन उत्तरी राज्यों में कपास की अगैती बिजाई होती है जो आमतौर पर 15-20 अप्रैल से शुरू होकर 15-20 मई तक पूरी हो जाती है। इसके फलस्वरूप वहां नई फसल की आवक भी जल्दी आरंभ होती है।

इस बार तीनों राज्यों को भयंकर बाढ़ का प्रकोप झेलना पड़ा मगर कपास की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ और उत्पादन बेहतर होने के आसार हैं।