उत्तरी, मध्यवर्ती एवं पूर्वी राज्यों में जलसंकट बढ़ने की आशंका
17-Apr-2026 07:09 PM
नई दिल्ली। देश के विभिन्न भागों में बांधों-जलाशयों एवं अन्य जल स्रोतों में पानी का स्तर जिस तेजी से घट रहा है उसे देखते हुए उत्तरी मध्यवर्ती एवं पूर्वी राज्यों में भी जलसंकट बढ़ने की आशंका है। दक्षिण भारत में पानी का अभाव महसूस होने लगा है। केवल पश्चिमी राज्यों की हालत कुछ बेहतर है। महाराष्ट्र में भीषण गर्मी का दौर जारी है।
कुल भंडारण क्षमता के सापेक्ष पानी का वास्तविक स्टॉक घटकर मध्यवर्ती भाग में 49.6 प्रतिशत, उत्तरी क्षेत्र में 44 प्रतिशत तथा पूर्वी राज्यों में 39 प्रतिशत रह गया है।
प्रमुख कृषि उत्पादक राज्यों की बात की जाए तो बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर मध्य प्रदेश में 50.8 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 63 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 45.5 प्रतिशत, पंजाब में 68 प्रतिशत , राजस्थान में 50 प्रतिशत, बंगाल में 15 एवं आसाम में 17 प्रतिशत, उड़ीसा में 40 प्रतिशत, बिहार में 35 प्रतिशत और झारखंड में 57 प्रतिशत पर आ गया है।
