उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश होने से तापमान में गिरावट

14-Apr-2025 01:17 PM

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में गत 11 अप्रैल से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। वहां आंधी-तूफान एवं बारिश का जोर देखा गया जबकि कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई।

इससे तापमान में गिरावट आ गई और लोगों को भयंकर गर्मी से कुछ राहत मिली। 12 अप्रैल को लखनऊ में तापमान 22.2 डिग्री से लेकर 34.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। प्रयागराज में भी अच्छी वर्षा हुई। 

मौसम विभाग ने 13-14 अप्रैल को अनेक जिलों में बारिश होने या गरज चमक के साथ बौछार पड़ने की संभावना व्यक्त की थी। इससे पूर्व 11 एवं 12 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से कई क्षेत्रों में वर्षा हुई थी जिससे तापमान काफी घट गया था।

मौसम के मिजाज में अचानक आए इस बदलाव के कारण उत्तर प्रदेश के पूर्वी एवं पश्चिमी जिलों में अच्छी बारिश हुई थी और 13 अप्रैल को भी आसमान पर बादल छाये रहे।

इसके फलस्वरूप कुछ क्षेत्रों में रबी फसलों की कटाई प्रभावित हुई और कहीं-कहीं उसे नुकसान भी हुआ। प्रांतीय राजधानी लखनऊ एवं उसके आसपास के जिलों में मौसम की यह हालत 13 अप्रैल तक बरकरार रही। 

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में वर्षा, गरज-चमक के साथ बौछार तथा तेज हवा का दौर 14 अप्रैल तक जारी रहने का अनुमान लगाया है।

इन जिलों में गोरखपुर, मऊ, देवरिया, बलिया, कुशीनगर, संत कबीर नगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर एवं बलरामपुर शामिल है।

केन्द्रीय तापमान में 14 अप्रैल के बाद गिरावट आने की संभावना कम है। मौसम साफ होने पर रबी फसलों की कटाई-तैयारी की गति तेज होगी।

जिन खेतों में बारिश की वजह से पानी जमा हो गया है वहां भी कटाई में ज्यादा कठिनाई नहीं होगी क्योंकि तापमान बढ़ने पर पानी जल्दी ही सूख सकता है।

उत्तर प्रदेश में गेहूं, सरसों, चना, जौ, मसूर एवं मटर सहित अन्य रबी फसलों की कटाई पहले ही आरंभ हो चुकी है जबकि 15 अप्रैल से इसकी रफ्तार और भी बढ़ने की संभावना है।