यूक्रेन में मक्का के न्यूनतम निर्यात मूल्य में थोड़ी बढ़ोत्तरी

14-May-2025 08:50 PM

कीव। काला सागर क्षेत्र में अवस्थित रूस के पड़ोसी देश- यूक्रेन की सरकार ने एक तरफ गेहूं के न्यूनतम निर्यात मूल्य (मेप) को अप्रैल के 201 डॉलर प्रति टन से 13 डॉलर घटाकर मई के लिए 188 डॉलर प्रति टन नियत किया है जो दूसरी ओर मक्का के न्यूतनम निर्यात मूल्य को 185 डॉलर प्रति टन से 4 डॉलर बढ़कर 189 डॉलर प्रति टन निर्धारित कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि कुछ माह पूर्व यूक्रेन सरकार ने प्रमुख अनाजों एवं तिलहनों के निर्यात को कुछ समय के लिए प्रतिबंधित कर दिया था क्योंकि निर्यातक कृषि मंत्रालय द्वारा घोषित मूल्य से नीचे दाम पर इसका निर्यात शिपमेंट करने का प्रयास कर रहे थे। 

यूक्रेन मक्का के शीर्ष पांच निर्यातक देशों की सूची में शामिल है जबकि गेहूं का भी प्रमुख आपूर्तिकर्ता देश माना जाता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (जुलाई-जून) के दौरान यूक्रेन से 364 लाख टन अनाज का निर्यात पहले ही हो चुका है जिसमें 193 लाख टन मक्का एवं 143 लाख टन गेहूं के अलावा जौ का शिपमेंट भी शामिल है।

अमरीका, ब्राजील एवं अर्जेन्टीना के बाद यूक्रेन दुनिया में मक्का का चौथा सबसे प्रमुख निर्यातक देश माना जाता है। गेहूं के  निर्यात में रूस, अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया एवं फ्रांस जैसे देश यूक्रेन से आगे हैं। 

भारत में यूक्रेन से गेहूं का तो नहीं मगर कभी-कभार मक्का का थोड़ा-बहुत आयात होता रहा है क्योंकि वहां गैर जीएम फसलों का उत्पादन होता है।

पिछले तीन साल से रूस के साथ युद्ध में बुरी तरह उलझे यूक्रेन में गेहूं तथा मक्का सहित अन्य अनाजों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है और इसके निर्यात शिपमेंट में भी कठिनाई आ रही है क्योंकि रूसी हमले के कारण यूक्रेन के ओडेसा सहित कुछ अन्य बंदरगाह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमतों की प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए यूक्रेन के निर्यातक काफी सस्ते दाम पर गेहूं, मक्का एवं जौ का निर्यात करने की कोशिश कर रहे हैं

जिससे उसके उत्पादकों की आमदनी में भारी कमी आ गई है और सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। यूक्रेन का विदेशी मुद्रा भंडार  तेजी से घट रहा है जबकि उस पर कर्ज बढ़ता जा रहा है।