18-24 जून के दौरान मध्यवर्ती एवं पश्चिमोत्तर भारत में अच्छी वर्षा होने का अनुमान

12-Jun-2025 05:58 PM

नई दिल्ली। अमरीकी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी ने संकेत दिया है कि भारत के मध्यवर्ती संभाग एवं पश्चिमोत्तर राज्यों में 18 से 24 जून वाले सप्ताह के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि अत्यन्त भीषण गर्मी से इन राज्यों में जन जीवन अस्त व्यस्त होने लगा है और राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, लद्दाख  एवं चंडीगढ़ अदि में वर्षा का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।

इसके अलावा बिहार, मध्य प्रदेश एवं झारखडं को भी बारिश की सख्त आवश्यकता है। राजस्थान के गंगानगर, हनुमानगढ़ एवं भरतपुर सहित कई अन्य जिलों में अत्यन्त गर्म हवा की तेज लहर (हीट वेव) का प्रकोप जारी है। 

अमरीकी मौसम एजेंसी के मुताबिक समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान पूर्वोत्तर भारत के दक्षिणी भाग में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। उसके बाद 25 जून से 1 जुलाई वाले सप्ताह के दौरान वर्षा के पैटर्न में बदलाव आ सकता है।

एजेंसी के अनुसार इस वर्ष बारिश को समर्थन देने वाले मैडेन जूलियन ऑसिलेशन (एमजेओ) वेव की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं रहेगी और अरब सागर तथा बंगाल की खाड़ी के ऊपर अगले दो सप्ताहों तक इसका असर नगण्य रहेगा।

इसके फलस्वरूप दक्षिण-पश्चिम मानसून को जून में इतना मजबूत सहारा नहीं मिल पाएगा जितना आमतौर मिलने का अनुमान रहता है। इसके फलस्वरूप भारत में मानसून को पश्चिमी विक्षोभ से समर्थन लेने का इंतजार करना पड़ सकता है।

यह पश्चिमी विक्षोभ पहले आगे बढ़कर सुदूर दक्षिण में पहुंच सकता है और फिर बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक सर्कुलेशन को सक्रिय कर सकता है। इसके बाद ही देश के विभिन्न भागों में अच्छी वर्षा की गुंजाईश बन सकती है। 

उधर म्यांमार के मौसम विभाग ने अगले 10 दिनों के दौरान अंडमान सागर एवं उससे सटे बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दाब का एक क्षेत्र विकसित होने की संभावना व्यक्त की है

और ऐसा लगता है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग इसकी संभावना से इंकार नहीं कर रहा है। लेकिन इसके आंकड़ों से संकेत मिलता है कि अगले सप्ताह उड़ीसा तट के पास यह कम दाब का क्षेत्र बन सकता है।