3 दिसंबर 2025 को आयोजित मसूर वेबिनार की प्रमुख बातें: GPC
03-Dec-2025 05:52 PM
3 दिसंबर 2025 को आयोजित मसूर वेबिनार की प्रमुख बातें: GPC
स्पीकर एवं होस्ट: Andac Kolukisa (Natural Gida, Turkey),
तुर्की
★ पिछले दशक में उत्पादन लगातार कम हुआ है।
★ Turkey Grain Board के अनुसार कुल उत्पादन 55,000 टन रहने का अनुमान।
★ सरकार ने ग्रीन लेंटिल पर आयात शुल्क 30% से घटाकर 10% किया।
★ रूस से लगभग 1 लाख टन और कजाकिस्तान से 1.5 लाख टन मसूर का आयात हुआ। ।
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Jay Saraff (Mandala Trading, Australia)
ऑस्ट्रेलिया
★ साउथ ऑस्ट्रेलिया में 9 लाख टन मसूर की कटाई हो चुकी है।
★ विक्टोरिया में 20% से अधिक कटाई पूरी, लेकिन बोआई 2–3 हफ्ते देरी से हुई। मौसम के कारण कटाई टुकड़ों में, एकसाथ नहीं हो रही।
★ देर से कटाई के कारण निर्यात शुरुआत में धीमा रहा। अब तक 2.3 लाख टन निर्यात; दिसंबर में 2–2.5 लाख टन और निर्यात की संभावना (मुख्यतः बांग्लादेश – रमजान डिमांड)।
★ नवंबर में 2 जहाज; दिसंबर में 4–5 कंटेनर शिपमेंट संभव।
★ ABARES के अनुसार इस सीजन उत्पादन 19.1 लाख टन; उद्योग 20 लाख टन का अनुमान लगा रहा है।
★ 2024-25 का एंडिंग स्टॉक 2.53 लाख टन था, जो 2025-26 में 6.15 लाख टन तक जा सकता है (अगर 15 लाख टन निर्यात हुआ तो)।
★ ऑस्ट्रेलिया में भंडारण की अच्छी सुविधा है; दाम कमजोर हों तो एक साल तक स्टॉक रोक सकते हैं।
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Deepak Rawat (Empros International, Canada), कनाडा
★ कुल मसूर उत्पादन 24.3 लाख टन से बढ़कर 35 लाख टन तक जा सकता है। ध्यान देने वाली बात है कि लाल मसुर उत्पादन 17.5 लाख से थोड़ा बढ़कर ★ 18.5 लाख टन और हरी मसूर का उत्पादन 7.5 लाख टन से बढ़कर 17 लाख टन।
★ लाल मसूर का बैलेंस स्टॉक आरामदायक स्तर पर।
★ अब तक 2.75 लाख टन लाल मसूर निर्यात संभावित; आगे 3–3.5 लाख टन और शिपमेंट लाइन में जिसका निर्यात जल्द होगा।
★ इस साल का कुल लाल मसूर निर्यात पिछली साल जैसा ही रहने की उम्मीद। बांग्लादेश अब अधिकतर ऑस्ट्रेलिया से खरीद रहा, भारत और पाकिस्तान—कनाडा व ऑस्ट्रेलिया दोनों से।
★ कनाडा में कंटेनर से बल्क शिपमेंट की तरफ तेजी से बदलाव हो रहा है। बल्क ऑफर लगभग 500 डॉलर प्रति टन (सभी खर्च शामिल)।
★ कंटेनर और बल्क में 35–40 डॉलर का अंतर, जबकि ऑस्ट्रेलिया में यह अंतर 10–15 डॉलर है।
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Binod Agarwal (SGR AK Agri, India), भारत
★ सरकारी स्टॉक 5.25 लाख टन और पोर्ट पर 1.02 लाख टन—कुल 6.25 लाख टन। आयात शुल्क 10% होने से आयात घटा है।
★ पिछले वर्ष आज तक 8 लाख टन का आयात; इस वर्ष 5.5–6 लाख टन।
★ पीली मटर की कीमतें भी मसूर के आयात को प्रभावित कर रही हैं।
★ MSP 7,000 रुपये और आयातित मसूर (निपर 500 डॉलर CFR कोलकाता) लगभग 5,150 रुपये पड़तल—दोनों में 1850 रुपये/क्विंटल का अंतर।
★ इस अंतर को कम करने के लिए सरकार 30–50% आयात शुल्क लगाने पर विचार कर सकती है। 10–15% की छोटी वृद्धि से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।
★ सरकार जनवरी या फरवरी मध्य तक स्थिति देखकर निर्णय ले सकती है।
★ अच्छा मौसम रहा तो भारतीय उत्पादन 17 लाख टन तक पहुंच सकता है, जो कुल खपत का लगभग आधा है।
★ फारवर्ड ट्रेडिंग बढ़ी है, जिससे बाजार में सुधार की उम्मीद झलकती है।
★ इस समय कीमतें निचले स्तर पर मानी जा रही हैं।
★ कनाडा का आरामदायक मूल्य 490–500 डॉलर और ऑस्ट्रेलिया का 525 डॉलर।
★ आयात संख्या इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार आयात शुल्क बढ़ाती है या नहीं।
