30 सितम्बर तक रूई का आयात सीमा शुल्क से मुक्त रहेगा

19-Aug-2025 11:43 AM

नई दिल्ली। अमरीका में लागू 25 प्रतिशत के टैरिफ एवं स्वदेशी कॉटन टेक्सटाइल उद्योग की जोरदार मांग को देखते हुए केन्द्र सरकार ने रूई के आयात को सीमा शुल्क से मुक्त करने का निर्णय लिया है।

केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि रूई के आयात पर लगे मूल सीमा शुल्क, सम्पूर्ण कृषि अनसंरचना शुल्क एवं विकास उपकर को स्थगित कर दिया गया है।

यह निर्णय (आदेश) 19 अगस्त से 30 सितम्बर 2025 तक प्रभावी रहेगा। इसका मतलब यह है कि आज से लेकर अगले महीने के अंत तक विदेशों से जिस रूई का आयात किया जाएगा उस पर कोई सीमा शुल्क नहीं लगेगा। इससे भारतीय वस्त्र उद्योग को राहत मिलेगी।

रूई के आयात पर 10 प्रतिशत का मूल सीमा शुल्क और 1 प्रतिशत बिंदु (मूल सीमा शुल्क का 10 प्रतिशत) का कृषि ढांचा शुल्क एवं विकास सेस- यानी कुल मिलाकर 11 प्रतिशत का शुल्क लगा हुआ था जो आज से स्थगित हो गया है।

30 सितम्बर 2025 को वर्तमान मार्केटिंग सीजन समाप्त हो जाएगा। भारत में पहले ही 30 लाख गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) से ज्यादा रूई का आयात हो चुका है और अब सीमा शुल्क से छूट मिलने के बाद आयात की मात्रा तेजी से बढ़ सकती है।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रूई का भाव अपेक्षाकृत नरम चल रहा है। कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार ब्राजील से अच्छी क्वालिटी की रूई का भारतीय बंदरगाहों पर आयात खर्च 51,000 रुपए प्रति कैंडी (356 किलो) बैठ रहा है मगर सीमा शुल्क की वजह से इसका मूल्य बढ़कर 56,000 रुपए प्रति कैंडी के करीब पहुंच जाता है। अब सीमा शुल्क नहीं लगेगा तो वस्त्र उद्योग का लागत खर्च घट जाएगा। 

अमरीका भारतीय वस्त्र उत्पादों का महत्वपूर्ण बाजार है मगर उसने भारत से आयातित सामानों पर 7 अगस्त से 25 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया है और 27 अगस्त से 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है।

इससे अमरीकी बाजारों में भारत का वस्त्र उत्पाद महंगा हो जाएगा और अन्य आपूर्तिकर्ता देशों की प्रतिस्पर्धा का सामना करने में भारतीय निर्यातकों को काफी कठिनाई होगी। रूई पर आयात शुल्क से छूट मिलने से निर्यातकों को कुछ राहत अवश्य मिलेगी।