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08-Oct-2026 04:26 PM
विजयवाड़ा। दक्षिण भारतीय राज्य- आंध्र प्रदेश में वर्षा की कमी से इस बार खरीफ सीजन में धान का उत्पादन क्षेत्र 14.54 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो गत वर्ष के क्षेत्रफल 16.05 लाख हेक्टेयर से 1.51 लाख हेक्टेयर कम रहा। कुछ अन्य फसलों के बिजाई क्षेत्र में हुई कमी / वृद्धि के कारण खरीफ फसलों का कुल रकबा घटकर 28.67 लाख हेक्टेयर पर अटक गया जो पिछले साल के उत्पादन क्षेत्र 29.89 लाख हेक्टेयर से 1.22 लाख हेक्टेयर कम है।
आंध्र प्रदेश में मोटे अनाजों का बिजाई क्षेत्र 2.54 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.94 लाख हेक्टेयर रह गया। इसके तहत मक्का का क्षेत्रफल 1.98 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.40 लाख हेक्टेयर पर आ गया जबकि बाजरा एवं रागी का रकबा गत वर्ष के लगभग बराबर ही रहा। कपास का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 4.89 लाख हेक्टेयर से गिरकर इस बार 4.72 लाख हेक्टेयर पर सिमट गया।
लेकिन दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 3.80 लाख हेक्टेयर से उछलकर 4.79 लाख हेक्टेयर हो गया। इसके तहत खासकर अरहर (तुवर) का बिजाई क्षेत्र 3.36 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 4.13 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का क्षेत्रफल 28 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 54 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा। मूंग की खेती सीमित क्षेत्रफल में हुई है।
तिलहन फसलों का रकबा भी 2.35 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.47 लाख हेक्टेयर हो गया। इसके तहत खासकर मूंगफली का क्षेत्रफल 1.85 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.90 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा।