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धान का रकबा घटने से चावल का भाव मजबूत

08-Oct-2026 01:22 PM

धान का रकबा घटने से चावल का भाव मजबूत

नई दिल्ली। खरीफ सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न-धान के उत्पादन क्षेत्र में इस बार काफी गिरावट आ गई क्योंकि अनेक इलाकों में मानसून की बारिश कम तथा अनियमित हुई इसमें तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना से लेकर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं झारखंड तक शामिल हैं। कुछ अन्य राज्यों में भी क्षेत्रफल घटा है जबकि कुछ प्रांतों में रकबा थोड़ा-बहुत बढ़ गया। 

धान की खेती समूचे देश में होती है और इसकी फसल को सिंचाई के लिए सर्वाधिक पानी की जरूरत पड़ती है। दक्षिण भारत तथा महाराष्ट्र में इस बार मानसूनी बारिश का अभाव देखा गया। अन्य प्रांतों में भी कुछ क्षेत्रों में बारिश कम होने से धान की रोपाई पर असर पड़ा।

धान की खेती लगभग पूरी हो चुकी है और अब जो आंकड़ा सामने आया है उससे पता चलता है कि इस खाद्यान्न का उत्पादन क्षेत्र इस बार खरीफ सीजन में 433.60 लाख हेक्टेयर तक ही पहुंच सका जो पिछले साल के रकबा 449.20 लाख हेक्टेयर से 15.60 लाख हेक्टेयर या 3.47 प्रतिशत कम है। 

कुछ राज्यों में धान की नई फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो चुकी है जबकि अन्य राज्यों में आगामी दिनों में शुरू होगी। उत्पादन घटने की आशंका से चावल का भाव मजबूत होने लगा है। फाइन ग्रेड के गैर बासमती चावल की कीमत  8-10 प्रतिशत तक तेज हुई है। बासमती धान और चावल का दाम भी ऊंचा हुआ है।