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08-Oct-2026 01:55 PM
नई दिल्ली। अमरीकी कृषि विभाग की विदेश कृषि सेवा के भारतीय प्रतिनिधि कार्यालय (उस्डा पोस्ट) ने भारत में पहले 2026-27 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में 336 लाख टन चीनी के उत्पादन का अनुमान लगाया था जिसे अब 14 प्रतिशत घटाकर 295 लाख टन निर्धारित किया है। उस्डा पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार एक तो भारत में मानसून की बारिश कम होने से गन्ना की पैदावार एवं चीनी की औसत रिकवरी दर घटने की संभावना है और दूसरे, कहीं-कहीं गन्ना की फसल पर कीड़ों-रोगों का भी प्रकोप देखा जा रहा है।
उस्डा पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक 2026-27 सीजन के दौरान भारत में 295 लाख टन कच्ची चीनी का उत्पादन हो सकता है जो 276 लाख टन रवेदार (सफेद) चीनी तथा 62 हजार टन खांडसारी चीनी के समतुल्य है। उस्डा पोस्ट ने भारत में गन्ना के क्षेत्रफल का अनुमान भी करीब 1 प्रतिशत घटाकर 59 लाख हेक्टेयर नियत किया है जो केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़े के करीब ही है।
रिपोर्ट के मुताबिक बिजाई क्षेत्र में कुछ गिरावट आने तथा वर्षा कम होने से गन्ना की पैदावार घटकर 43.40 करोड़ टन पर सिमट सकती है जो पहले लगाए गए अनुमान 46.30 करोड़ टन से करीब 6 प्रतिशत कम है। इस बार महाराष्ट्र एवं कर्नाटक जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में न केवल मानसून की वर्षा कम हुई बल्कि लम्बे समय तक सूखे की स्थिति भी बनी रही। इसके अलावा कुछ राज्यों में असामयिक बारिश होने एवं बाढ़ का पानी लम्बे समय तक खेतों में जमा रहने से गन्ना की फसल पर कीड़ों-रोगों का प्रकोप भी बढ़ गया। इसमें उत्तर प्रदेश का कुछ इलाका भी शामिल है जो गन्ना का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है।
गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर घटकर 8.6 प्रतिशत रह जाने का अनुमान लगाते हुए उस्डा पोस्ट ने 2026-27 के सीजन में भारत में चीनी की कुल खपत बढ़कर 290 लाख टन (310 लाख टन रॉ वैल्यू) पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की है। इस तरह भारत में उत्पादन के मुकाबले चीनी का उपयोग इस बार 13-14 लाख टन अधिक होने की उम्मीद है।