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08-Oct-2026 12:18 PM
मास्को। रूस एवं यूक्रेन के बीच जारी भयंकर युद्ध के कारण काला सागर का जलमार्ग एक बार फिर व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही के लिए अवरुद्ध एवं असुरक्षित हो गया है। इससे भारत में खासकर पीली मटर एवं सूरजमुखी तेल का आयात प्रभावित होने की आशंका है। काला सागर क्षेत्र के बंदरगाहों तथा वहां आने-जाने वाले मालवाहक जहाजों पर दोनों देश हमले कर रहे हैं। कुछ समय के लिए ये हमले रुक गए थे लेकिन अब दोबारा शुरू हो गए हैं।
रूस-यूक्रेन से गेहूं, मक्का, जौ, दलहन एवं तेल-तिलहन का भारी निर्यात होता है। रूस दुनिया में गेहूं का सबसे बड़ा निर्यातक देश है जबकि यूक्रेन से भी विशाल मात्रा में इसका निर्यात होता है। अगस्त के मुकाबले सितम्बर के दौरान इन दोनों देशों से कृषि उत्पादों के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई क्योंकि लगभग एक माह तक दोनों देशों ने एक-दूसरे के जहाजों पर हमला नहीं किया। लेकिन अब हालात बदल गए हैं।
भारत में सूरजमुखी तेल का सर्वाधिक आयात रूस से होता है जबकि वहां से विशाल मात्रा में पीली मटर का भी आयात किया जाता है। इसके अलावा रूस भारत को सीमित मात्रा में मसूर का भी निर्यात करता है। वहां से इन उत्पादकों का आयात अब अस्थायी तौर पर लगभग बंद होने लगा है जिससे भारत को कठिनाई हो सकती है क्योंकि रूसी उत्पाद अपेक्षाकृत सस्ते होते हैं।