आयात शुल्क रहित मटर आयात समय सीमा 2 महीने बढ़ाए जाना व उसका बाजारों पर असर

25-Dec-2024 08:36 AM

आयात शुल्क रहित मटर आयात समय सीमा 2 महीने बढ़ाए जाना व उसका बाजारों पर असर
★ कल सरकार ने आयात शुल्क रहित मटर आयात अवधि को 2 महीने बढ़ाकर 28 फरवरी 2025 किया।
★ गत वर्ष दिसंबर 2023 में मटर आयात शुल्क में कटौती की गयी थी आयात समय सीमा को तीसरी बार बढ़ाया गया।
★ आयात होने के बाद सभी दलहनों की कीमतों में देखी गयी थी गिरावट।
★ आयात अवधि दो महीने बढ़ाने से संकेत मिलता है कि सरकार पहले चना की फसल देखना चाहती है।
★ चना की बिजाई 86 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जो पिछले साल के 84.42 लाख हेक्टेयर से 1.9 प्रतिशत अधिक है। 
★ आयातक, ट्रेडर्स, मिलर्स, होलसेलर के स्तर पर कीमतों में देखी गयी गिरावट परन्तु रिटेल स्तर पर भाव उतनी मात्रा में नहीं घटे जिसको देख सरकार ने रिटेलर्स से भाव घटाने को कहा।
★ इसके अलावा PSS स्कीम के तहत 3 लाख टन तुवर कर्नाटक से खरीदने की मंजूरी भी दी गयी।
★ कर्नाटक में हो रही है अच्छी आवक, महाराष्ट्र में जनवरी आवक पीक पर होगी।
★ कर्नाटक की नई फसल आते ही कीमतों में देखी गयी भारी गिरावट, महाराष्ट्र की तुवर आने पर बन सकता है और दबाव, भाव MSP के आसपास पहंचने की सम्भावना।
★ मार्च से म्यांमार का नया माल भी आना शुरू होगा इस वर्ष उत्पादन में वृद्धि के प्रबल संकेत।
★ सरकार के पास मसूर का संतोषजनक स्टॉक उपलब्ध परन्तु उड़द, तुवर व चना का कमजोर।
★ पोर्ट पर भी बड़ी मात्रा में मटर का स्टॉक उपलब्ध। विदेशी मसूर का स्टॉक भी भारत में पड़ा साथ ही नई फसल भी आएगी।
★ सरकार जरुर चाहेगी कि बफर में दलहनों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हो।
★ उड़द की बात करें तो जितना भारत में उत्पादन में कमी आई, उतना उत्पादन विदेशों में बढ़ रहा है।
★ ब्राजील में उड़द उत्पादन व निर्यात दोनों बढ़ा।
★ उपरोक्त सभी कारणों, मटर आयात अवधि दो महीने बढ़ाने से साफ़ संकेत मिलते हैं कि तुवर, उड़द, चना, मसूर आयात अवधि को भी बढ़ाया जाएगा जो अभी 31 मार्च 2025 है।
★ वर्ष 2025 के शुरूआती 6 महीनों में भारत में चना उत्पादन बढ़ने, मसूर का पुराना स्टॉक व सामान्य उत्पादन आने, म्यांमार व भारतीय तुवर फसल एक साथ आने व विदेशों से बढ़ते उड़द आयात व मटर के बकाया स्टॉक को देख सभी दलहनों की उपलब्धता सुगम बनी रहने की प्रबल सम्भावना। यदि किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा या आयात, निर्यात नियमों में बदलाव न हो।