अच्छी बारिश के बावजूद महाराष्ट्र में खरीफ फसलों की बिजाई गत वर्ष से पीछे
19-Aug-2025 08:43 PM
मुम्बई। देश के पश्चिमी भाग में अवस्थित एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक राज्य- महाराष्ट्र में इस वर्ष यद्यपि दक्षिण-पश्चिम मानसून की अच्छी वर्षा हुई है और अब भी जोरदार बारिश हो रही है लेकिन वहां खरीफ फसलों की बिजाई गत वर्ष से पीछे चल रही है।
राज्य कृषि विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि महाराष्ट्र में खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र इस बार 143.47 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है जो पिछले साल की इसी अवधि के बिजाई क्षेत्र 144.95 लाख हेक्टेयर से 1.48 लाख हेक्टेयर कम है। बिजाई की प्रक्रिया लगभग समाप्त होने वाली है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान महाराष्ट्र में धान तथा मोटे अनाजों का उत्पादन क्षेत्र 31.23 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 33.54 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया
मगर दलहनों का बिजाई क्षेत्र 18.89 लाख हेक्टेयर से गिरकर 18.46 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। तिलहनों के क्षेत्रफल में भी गिरावट आई है और कपास का रकबा 40.84 लाख हेक्टेयर से घटकर 38.35 लाख हेक्टेयर रह गया।
अनाजी फसलों के संवर्ग में धान का उत्पादन क्षेत्र 14.11 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 14.27 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का बिजाई क्षेत्र 11.07 लाख हेक्टेयर से उछलकर 14.38 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया
लेकिन ज्वार का क्षेत्रफल 1.08 लाख हेक्टेयर से गिरकर 84 हजार हेक्टेयर तथा बाजरा का रकबा 3.99 लाख हेक्टेयर से घटकर 3.24 लाख हेक्टेयर रह गया।
दलहन फसलों में तुवर का उत्पादन क्षेत्र 12.10 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 12.07 लाख हेक्टेयर, मूंग का बिजाई क्षेत्र 2.32 लाख हेक्टेयर से गिरकर 2.09 लाख हेक्टेयर, उड़द का क्षेत्रफल 3.75 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 3.74 लाख हेक्टेयर तथा अन्य दलहनों का रकबा 71 हजार हेक्टेयर से गिरकर 66 हजार हेक्टेयर रहा गया। हाल के सप्ताहों में दलहनों के बिजाई क्षेत्र में अच्छा सुधार आया है।
तिलहन फसलों में सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 50.52 लाख हेक्टेयर से घटकर 49.42 लाख हेक्टेयर तथा मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 1.47 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.34 लाख हेक्टेयर रह गया।
