अगले 15 वर्षों में एथनॉल की मांग 29 अरब लीटर से ऊपर पहुंचने का अनुमान

09-Jun-2026 11:42 AM

नई दिल्ली। फ्लैक्स ईंधन वाहनों में 85 प्रतिशत तक एथनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग करने की स्वीकृति दिए जाने के कारण वित्त वर्ष 2039-40 तक देश में एथनॉल की कुल मांग बढ़कर 29.63 अरब लीटर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।

इस तरह अगले 15 वर्षों में एथनॉल की घरेलू मांग 117 प्रतिशत बढ़ सकती है। फ्लैक्स फ्यूल व्हीकल्स (एफएफवी) की संख्या में भी वित्त वर्ष 2034-35 से अगले पांच वर्षों के दौरान 50 प्रतिशत का इजाफा होने की उम्मीद है। इन वाहनों को 20 से 100 प्रतिशत तक एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से चलाया जा सकता है। 

देश में एथनॉल की कुल संचित उत्पादन क्षमता तो काफी अधिक है लेकिन मांग सीमित होने के कारण डिस्टीलर्स को इस क्षमता का पूरा उपयोग करने का अवसर नहीं मिल रहा है। सरकार के नए नियम से उसे क्षमता का इस्तेमाल बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

ई-85 एथनॉल का दाम ई-20 वाले स्तर से 20 रुपए प्रति लीटर नीचे रखा गया है जिससे एफएफवी ऑपरेटर्स को राहत मिलेगी। एथनॉल का निर्माण, गन्ना अवयवों, चावल, मक्का, सड़े-गले अनाज आदि से होता है।