अगले महीने से चावल, आटा एवं दालों की खुदरा बिक्री दोबारा शुरू करने की संभावना
17-Sep-2024 12:38 PM
नई दिल्ली । केन्द्र सरकार द्वारा भारत ब्रांड के अंतर्गत चावल, गेहूं के आटा एवं दालों की खुदरा बिक्री अक्टूबर से दोबारा शुरू किए जाने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि सरकार सीधे उपभोक्ताओं को 35 रुपए प्रति किलो की दर से प्याज की खुदरा बिक्री आरंभ कर चुकी है।
त्यौहारी मांग के चरण अक्टूबर में चावल, आटा तथा प्रसंस्कृत दालों का भाव तेज होने की उम्मीद है जिसे नियंत्रित करने के लिए सरकार सस्ते दाम पर इसकी खुदरा बिक्री आरंभ कर सकती है।
समझा जाता है कि पिछले सप्ताह केन्द्रीय मंत्रियों के एक पैनल द्वारा इस आशय का निर्णय लिया गया और इसके बाद अब उपभोक्ता मामले मंत्रालय इन उत्पादों की खुदरा बिक्री की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का निर्णय लेगा।
मालूम हो कि यही मंत्रालय मूल्य स्थिरीकरण कोष स्कीम का संचालन करता है। केन्द्रीय खाद्य मंत्री अक्टूबर में खुदरा बिक्री की प्रकिया आरंभ करने को हरी झंडी दिखा सकते हैं।
हाल ही में जब रियायती मूल्य पर प्याज की बिक्री आरंभ की गई थी तब खाद्य मंत्री ने ही मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई थी।
जानकार सूत्रों के अनुसार इस दूसरे चरण के दौरान भारत ब्रांड के तहत चना दाल का उच्चतम खुदरा मूल्य 60 रुपए प्रति किलो से बढ़ाकर 70 रुपए प्रति किलो नियत किया जा सकता है मगर मूंग दाल का मूल्य 107 रुपए प्रति किलो के पुराने स्तर पर ही बरकरार रखे जाने की उम्मीद है।
इस बार खुदरा बिक्री वाली दालों की सूची में मसूर दाल को भी शामिल किए जाने की संभावना है जिसका मूल्य 89 रुपए प्रति किलो नियत हो सकता है।
भारत चावल एवं भारत आटा का उच्चतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) बढ़ाने का निर्णय पहले ही किया जा चुका है।
जानकार सूत्रों के अनुसार चावल का एमआरपी 340 रुपए प्रति 10 किलो तथा आटा का एमआरपी 300 रुपए प्रति 10 किलो (थैली) नियत किया गया है।
फरवरी में जब सरकार ने 5 किलो एवं 10 किलो की थैली में भारत चावल की बिक्री शुरू की थी तक उसका दाम 29 रुपए प्रति किलो नियत किया था।
इसी तरह नवम्बर 2023 में जब भारत आटा की बिक्री आरंभ हुई थी तब उसका एमआरपी 27.50 रुपए प्रति किलो निर्धारित किया गया था।
