अक्टूबर-दिसंबर में खरीफ फसलों का मंडी भाव रहा एमएसपी से नीचे

14-Jan-2026 04:42 PM

नई दिल्ली। खरीफ फसलों की कटाई-तैयारी की पीक अवधि यानी अक्टूबर-दिसम्बर 2025 की तिमाही के दौरान अखिल भारतीय स्तर पर केवल धान को छोड़कर अन्य जिंसों का भारित औसतन भाव उसके न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की तुलना में 9 से 30 प्रतिशत तक नीचे रहा।

इसमें तुवर, उड़द, मूंग, मक्का, ज्वार, बाजरा एवं सोयाबीन तथा मूंगफली आदि शामिल है। इससे किसानो को अपने उत्पादों की लाभप्रद वापसी हासिल नहीं हो सकी। 

आधिकारिक आकड़ो के अनुसार अक्टूबर-सितम्बर 2025 में एमएसपी के सापेक्ष धान का भारित औसत मूल्य 1 प्रतिशत ऊपर रहा। 'ए' ग्रेड गैर बासमती धान का एमएसपी 2389 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है जबकि इसका औसत भाव 2407 रूपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। धान की सरकारी खरीद अक्टूबर में ही शुरू हो गई थी। 

इसके विपरीत मक्का का औसत मंडी भाव घटकर 1684 रूपए प्रति क्विंटल रह गया जो 2400 रूपए प्रति क्विंटल के एमएसपी से 30 प्रतिशत नीचे रहा।

मध्य प्रदेश में तो औसत मूल्य और भी लुढ़ककर 1582 रूपए प्रति क्विंटल पर आ गया। इसी तरह ज्वार का औसत भाव एमएसपी से 9 प्रतिशत तथा बाजरा का 16.5 प्रतिशत नीचे रहा। 

दलहन फसलों के संवर्ग में मूंग का औसत भाव एमएसपी से 25 प्रतिशत, उड़द का 22 प्रतिशत तथा तुवर का 17.5 प्रतिशत नीचे रहा। कुछ प्रांतो में औसत मूल्य इससे भी नीचे दर्ज किया गया।

अक्टूबर-दिसम्बर 2025 की तिमाही में मूंग का भारित औसत मूल्य 6575 रूपए प्रति क्विंटल, उड़द का 6090 रूपए प्रति क्विंटल तथा तुवर का 6599 रूपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। 

इसी तरह तिलहन फसलों में सोयाबीन का भारित औसत भाव 4197 रूपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो 5328 रूपए प्रति क्विंटल के एमएसपी से 21 प्रतिशत नीचे रहा।

मूंगफली का औसत मूल्य भी एमएसपी की तुलना में 23 प्रतिशत घटकर 5583 रूपए प्रति क्विंटल रह गया। महाराष्ट्र में सोयाबीन तथा हरियाणा में मूंगफली का भारित औसत मूल्य सबसे नीचे रहा।