अक्टूबर-दिसम्बर की तिमाही में अधिकांश खरीफ फसलों का भाव रहा एमएसपी से नीचे
13-Jan-2026 04:42 PM
नई दिल्ली। आधिकारिक आंकड़ों से ज्ञात होता है कि अक्टूबर-दिसम्बर- 2025 की तिमाही में खरीफ फसलों की जोरदार कटाई-तैयारी के सीजन में सिर्फ धान को छोड़कर अन्य प्रमुख कृषि जिंसों का भाव अपने-अपने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की तुलना में 9 से 30 प्रतिशत तक नीचे रहा
जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। दिलचस्प तथ्य यह है कि खरीफ फसलों से आमदनी कम होने के बावजूद भारतीय किसान विचलित नहीं हुए और उन्होंने रबी फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से 3 प्रतिशत बढ़ा दिया।
एगमार्कनेट पोर्टल द्वारा संकलित आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन तिमाही (अक्टूबर-दिसम्बर- 2025) के दौरान अखिल भारतीय स्तर पर सामान्य श्रेणी के धान का भारित औसत मूल्य 2407 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो 2389 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 1 प्रतिशत अधिक था।
दूसरी ओर मक्का का औसत मूल्य घटकर 1684 रुपए प्रति क्विंटल रह गया जो 2400 रुपए प्रति क्विंटल के एमएसपी से 30 प्रतिशत नीचे रहा। मध्य प्रदेश में तो यह और भी घटकर 1582 रुपए प्रति क्विंटल के निम्न स्तर पर आ गया।
इसी तरह एमएसपी के मुकाबले ज्वार का औसत भाव 9 प्रतिशत गिरकर 3357 रुपए प्रति क्विंटल और बाजरा का औसत मूल्य 16.5 प्रतिशत घटकर 2318 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।
दलहन फसलों के दाम में भी नरमी देखी गई। न्यूनतम समर्थन मूल्य के सापेक्ष समीक्षाधीन तिमाही के दौरान अखिल भारतीय स्तर पर भारित औसत मूल्य मूंग का 25 प्रतिशत लुढ़ककर 6575 रुपए प्रति क्विंटल,
तुवर का 17.5 प्रतिशत गिरकर 6599 रुपए प्रति क्विंटल तथा उड़द का 22 प्रतिशत घटकर 6090 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।
प्रमुख उत्पादक राज्यों के संवर्ग में एमएसपी के मुकाबले सबसे कमजोर भाव कर्नाटक में मूंग का 4949 रुपए प्रति क्विंटल, राजस्थान में तुवर का 5040 रुपए प्रति क्विंटल तथा तेलंगाना में उड़द का 4804 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।
