अमरीका में कनाडाई उत्पादों पर शुल्क बढ़ने की संभावना से निर्यातक चिंतित

27-Jan-2025 12:31 PM

विनीपेग । ट्रंप प्रशासन पहले ही संकेत दे चुका है कि कनाडा तथा चीन से आयातित उत्पादों पर एक मुश्त 25 प्रतिशत की दर से सीमा शुल्क लगाया जाएगा। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन कनाडा के कृषि उत्पाद निर्यातकों की चिंता बढ़ने लगी है।

जानकारों का कहना है कि अमरीका में सीमा शुल्क के लागू होने पर कनाडा से जई तथा कैनोला की तुलना में गेहूं का निर्यात कम प्रभावित होगा लेकिन यह सीमित प्रभाव भी शून्य प्रभाव से ज्यादा तो ही है। इसका असर अगले मार्केटिंग सीजन में ज्यादा पड़ सकता है।

उल्लेखनीय है कि अमरीका कनाडाई जई (ओट) का सबसे प्रमुख खरीदार है। कनाडा से करीब 83 प्रतिशत जई का निर्यात सिर्फ अमरीका को किया जाता है।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि कनाडा तथा मैक्सिको से वस्तुओं एवं सेवाओं के आयात पर लगने वाला 25 प्रतिशत का सीमा शुल्क 1 फरवरी 2025 से प्रभावित हो जाएगा।

यदि ऐसा हुआ तो अमरीका के आयातकों एवं कनाडा के निर्यातकों की कठिनाई बढ़ जाएगी। अमरीका के सीमावर्ती क्षेत्र में कनाडाई जई की भारी मांग रहती है। 

जहां तक गेहूं का सवाल है तो एशिया, मध्य-पूर्व तथा लैटिन अमरीका के पश्चिमी तट के देशों में वैंकुवर बंदरगाह से बसंतकालीन हार्ड कनाडाई गेहूं का निर्यात बड़े पैमाने पर होता है।

एक विश्लेषक का कहना है कि यदि अमरीका कनाडाई गेहूं पर आयात शुल्क लगाता है तो वहां इस श्रेणी के गेहूं का भाव बढ़ जाएगा जबकि कनाडा से इसके निर्यात पर कोई खास प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा क्योंकि इसका बाजार अन्य भागों में ज्यादा बढ़ा है।

लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि कनाडा  के पश्चिमी भाग में बसंतकालीन लाल गेहूं के उत्पादक प्रभावित नहीं होंगे। आयात शुल्क का प्रभाव उस पर तो पड़ेगा मगर उसकी तीव्रता कम रहेगी।

कैनोला का मामला कुछ इसी तरह का है। कुल मिलाकर यह प्रस्तावित आयात शुल्क सभी क्षेत्रों के लिए समस्या पैदा कर सकता है।