अमरीका और यूरोपीय संघ के साथ भारत का व्यापार समझौता नए साल में संभव

31-Dec-2025 08:09 PM

नई दिल्ली। भारत का व्यापार समझौता अमरीका के साथ वर्ष 2025 में ही सम्पन्न हो जाने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन जीएम सोयाबीन तथा मक्का और डेयरी उत्पादों के मुद्दे पर मामला अटकने से यह संभव नहीं हो सका।

द्विपक्षीय व्यापार संधि पर भारत ने अपना रूख स्पष्ट कर दिया था और मरिकी वार्ताकार इससे संतुष्ट भी थे लेकिन करार के अंतिम प्रारूप पर अमरीका अभी तक हस्ताक्षर करने के लिए तैयार नहीं हुआ। इस बीच वर्ष 2025 अब बीतने वाला है इसलिए कोई भी परिणाम अगले वर्ष यानी 2026 में ही सामने आ सकता है।

जहां तक यूरोपीय संघ का सवाल है तो उसके साथ द्विपक्षीय व्यापारिक करार के लिए बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री का कहना है कि यूरोपीय संघ के साथ द्विपक्षीय बातचीत नए साल में नियमित रूप से जारी रहेगी जिससे व्यापार समझौता पूरा हो सकता है।

हालांकि बरतें के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता हो चुका है लेकिन अब वह सयुरोपीय संघ का सदस्य देश नहीं है। यूरोपीय संघ के साथ बातचीत में बासमती चावल की मुद्दा मुख्य रूप से शामिल हो सकता है।

भारत वहां अपने चावल को जी आई टैग की मान्यता दिलाने का जोरदार प्रयास कर रहा है वाणिज्य मंत्री का कहना है कि यूरोपीय संघ के साथ बातचीत की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है

क्योंकि व्यापार समझौता के लिए नियत समय-सीमा निकट आ गई है। बातचीत अब निर्याणक दौर में पहुंच गई है। वर्ष 2026 में अमरीका तथा यूरोपीय संघ- दोनों के साथ भारत का व्यापार समझौता पूरा हो सकता है।