अमरीकी सोयाबीन एवं मक्का के लिए नए बाजारों की तलाश

05-Jan-2026 08:24 PM

शिकागो। वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 के दौरान अमरीका में यद्यपि सोयाबीन के बिजाई क्षेत्र में 7.1 प्रतिशत की गिरावट आई लेकिन अनुकूल मौसम से उपज दर में सुधार आने के कारण इसका कुल उत्पादन महज 2.8 प्रतिशत गिरकर 1160 लाख टन के आसपास रह जाने का अनुमान है।

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2026 के दौरान कृषि क्षेत्र में काफी हद तक स्थिरता का वातावरण रह सकता है। वैसे अलग-अलग क्षेत्रों में परिस्थितियां असमान रह सकती हैं।

जहां तक सोयाबीन का सवाल है तो 2025-26 के सीजन में उसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति कुछ जटिल रह सकती  सीजन के अंत में इसका बकाया स्टॉक कुछ घट सकता है। सोयाबीन की वैश्विक मांग बढ़कर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है जबकि इसका उत्पादन कुछ कम होने की संभावना है। 

चीन के साथ अमरीका का व्यापारिक विवाद निकट भविष्य में सुलझना मुश्किल लगता है। चीन में अमरीकी सोयाबीन एवं मक्का का आयात लगभग ठप्प हो गया है जबकि वह इसका प्रमुख खरीदार रहा है।

अमरीका का व्यापारिक सम्बन्ध मैक्सिको तथा कोलम्बिया जैसे देशों के साथ भी अच्छा नहीं है और भारत उसके दबाव के आगे झुकने के लिए तैयार नहीं है। ऐसी हालत में अमरीका को अपने इन दोनों महत्वपूर्ण कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए नए-नए बाजारों की तलाश करनी पड़ेगी। 

दक्षिण-पूर्व एशिया के देश और खासकर जापान, थाईलैंड तथा दक्षिण कोरिया में अमरीका से अच्छी मात्रा में सोयाबीन तथा मक्का का आयात किया जाता है इसलिए इन बाजारों के साथ कोई समस्या नहीं है। यूरोपीय संघ में अपने सदस्य देशों के लिए जीएम फसलों के आयात को स्वैच्छिक बना रहता है इसलिए वहां कुछ देश इसका आयात कर सकते हैं। लेकिन इससे बात नहीं बनेगी।

उधर ब्राजील में सोयाबीन का उत्पादन तेजी से उछलकर 1710 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया गया है। जिससे  वैश्विक निर्यात बाजार में ब्राजील की गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ेगा। मक्का का समीकरण भी कुछ इसी तरह का बन रहा है।