अप्रैल-अक्टूबर के दौरान अनेक उत्पादों के निर्यात में हुई अच्छी बढ़ोत्तरी

06-Dec-2024 12:34 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अधीनस्थ निकाय- कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में चालू वित्त वर्ष के शुरूआती सात महीनों में देश से दाल-दलहनों, मूंगफली, ग्वार गम, मिल्ड उत्पाद एवं बासमती चावल के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई अगर गैर बासमती चावल, गेहूं, अन्य अनाज (मुख्यत: मक्का) तथा काजू के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। गेहूं के व्यापारिक निर्यात पर लम्बे समय से प्रतिबंध लगा हुआ है और गैर बासमती सफेद चावल का निर्यात भी सितम्बर से आरंभ हुआ। मक्का के ऊंचे भाव से निर्यात प्रदर्शन कमजोर पड़ गया। 

एपीडा के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर 2023 की तुलना में अप्रैल-अक्टूबर 2024 के साथ महीनों के दौरान भारत से दाल-दलहनों का निर्यात 3.41 लाख टन से बढ़कर 3.66 लाख टन, मूंगफली का 3.18 लाख टन से सुधरकर 3.54 लाख टन, ग्वार गम का 2.56 लाख टन से सुधरकर 2.61 लाख टन, मिल्ड प्रोडक्ट्स का 1.30 लाख टन से बढ़कर 1.59 लाख टन तथा बासमती चावल का निर्यात 26.08 लाख टन से उछलकर 32.44 लाख टन पर पहुंचा। 

दूसरी ओर समीक्षाधीन अवधि के दौरान देश से गैर बासमती चावल का निर्यात 73.18 लाख टन से लुढ़ककर 57.69 लाख टन, गेहूं का निर्यात 79,413 लाख टन से लुढ़ककर 2175 टन, अन्य अनाजों का 13.26 लाख टन से घटकर 2.99 लाख टन, प्रसंस्कृत काजू कर्नेल का 28,502 टन से गिरकर 27,982 टन तथा काजू नट शेल लिक्विड का निर्यात 6572 टन से फिसलकर 5107 टन पर अटक गया।

अब सफेद चावल का निर्यात पूरी तरह खुल गया है इसलिए आगामी महीनों में इसका शिपमेंट तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। बासमती चावल का निर्यात प्रदर्शन पहले से ही बेहतर चल रहा है। गेहूं के निर्यात में सुधार आने के आसार नहीं है क्योंकि पर लगे प्रतिबंध को निकट भविष्य में हटाया नहीं जाएगा। मूंगफली के नए (खरीफ कालीन) माल की आवक शुरू होने से निर्यात योग्य स्टॉक में बढ़ोतरी होने लगी है।