अर्जेन्टीना में निर्यात शुल्क में कटौती की घोषणा से सोयाबीन, मक्का एवं गेहूं का वायदा नरम
27-Jan-2025 09:10 PM
शिकागो । लैटिन अमरीकी देश- अर्जेन्टीना में सोयाबीन एवं इसके उत्पादों, मक्का एवं गेहूं जैसे अनाजों तथा सूरजमुखी तेल पर निर्यात शुल्क में कटौती की घोषणा होने से वहां से इसके शिपमेंट में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
इसके फलस्वरूप चालू सप्ताह के पहले दिन शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (सीबोट) में सोयाबीन, मक्का तथा गेहूं के वायदा मूल्य में गिरावट दर्ज की गई।
सोयाबीन एवं मक्का के वायदा भाव में लगातार दूसरे दिन नरमी रही। गेहूं का वायदा मूल्य 1 प्रतिशत से ज्यादा घट गया कमजोर मांग के कारण इसमें कारोबार सुस्त रहा लेकिन अमरीका और रूस में खराब मौसम के कारण शीत कालीन फसल को हो रहे नुकसान के कारण कीमतों में ज्यादा गिरावट नहीं आ सकी।
व्यापार विश्लेषको के अनुसार अर्जेन्टीना से कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ने की उम्मीद है। पहले खराब मौसम के कारण बाजार में तेजी-मजबूती का माहौल बना हुआ था मगर अब उसमें थोड़ी नरमी आ गई है।
शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (सीबोट) में सर्वाधिक सक्रिय पोजीशन के लिए सोयाबीन वायदा मूल्य 14 प्रतिशत घटकर 10.41 डॉलर प्रति बुशेल, मक्का का वायदा भाव 1.2 प्रतिशत गिरकर 4.81 डॉलर प्रति बुशेल तथा गेहूं का वायदा मूल्य 1 प्रतिशत फिसलकर 5.39 डॉलर प्रति बुशेल रह गया।
अर्जेन्टीना दुनिया में सोयाबीन एवं मक्का का तीसरा सबसे प्रमुख निर्यातक देश है। वहां इसका उत्पादन गत वर्ष से बेहतर होने की उम्मीद है।
सरकार द्वारा अप्रत्याशित रूप से सोयाबीन सहित अन्य उत्पादों पर निर्यात शुल्क में कटौती की घोषणा की गई है। इसके फलस्वरूप वहां से इन उत्पादों का निर्यात बढ़ने के आसार हैं और किसानों को आकर्षक वापसी हासिल होने पर भविष्य में इसका उत्पादन बढ़ सकता है। निर्यात में बढ़ोत्तरी होने से अन्य प्रतिद्वंदी देशों की कठिनाई बढ़ सकती है
जिसमें अमरीका भी शामिल है। अर्जेन्टीना गेहूं का भी एक महत्वपूर्ण निर्यातक देश है। सोया तेल तथा सोयामील के निर्यात में वह प्रथम स्थान पर रहता है। भारत में सोयाबीन तेल का सर्वाधिक आयात अर्जेन्टीना से ही होता है। वहां से सूरजमुखी तेल भी मंगाया जाता है।
