अर्जेन्टीना में सोयाबीन की बिक्री अनेक कारकों पर निर्भर
11-Apr-2025 11:40 AM
ब्यूनस आयर्स। लैटिन अमरीकी देश- अर्जेन्टीना में सोयाबीन की नई फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो गई है और आगामी समय में इसकी रफ्तार तेज होती जाएगी। वहां किसानों के पास सोयाबीन का पिछला स्टॉक भी मौजूद है लेकिन वे इसकी बिक्री करने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
जनवरी-फरवरी 2025 में अर्जेन्टीना की घरेलू मंडियों में औसतन 2.02 लाख टन सोयाबीन की आवक हो रही थी जो मार्च के मध्य में घटकर 1.83 लाख टन, मार्च के अंत तक गिरकर लाख टन तथा अप्रैल के शुरुआती 8 दिनों में फिसलकर 1.20 लाख टन रह गई। आगे का परिदृश्य अनिश्चित बना हुआ है जिससे क्रशिंग - प्रोसेसिंग उद्योग चिंतित और दुविधाग्रस्त हैं।
उल्लेखनीय है कि ब्राजील और अमरीका के बाद अर्जेन्टीना संसार में सोयाबीन का तीसरा सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है जबकि सोया तेल एवं सोया मील के निर्यात में प्रथम स्थान पर रहता है।
वहां 2024-25 के वर्तमान सीजन में सोयाबीन का उत्पादन 480 से 500 लाख टन के बीच होने का अनुमान है। सरकार चाहती है कि किसान अपने सोयाबीन की बिक्री जल्दी-जल्दी करे ताकि देश से साबुत सोयाबीन एवं इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात और सरकारी राजस्व में इजाफा हो सके। सोयाबीन एवं इसके उत्पादों पर अर्जेन्टीना में अच्छा खासा निर्यात शुल्क लगा हुआ है।
अर्जेन्टीना पर भारी-भरकम कर्ज का भार है जबकि वह अन्तर्रष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से और ऋण लेने का इच्छुक है। लेकिन उसके लिए सरकार को यह दिखाना आवश्यक होगा कि वह ऋण चुकाने में सक्षम है और इसके लिए सोयाबीन तथा सोया उत्पादों का निर्यात प्रदर्शन सुधारने की आवश्यकता पड़ेगी।
लेकिन बेहतर मूल्य की उम्मीद में किसान अपने उत्पाद की बिक्री में अपेक्षित दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अर्जेन्टीना में सोया डॉलर योजना का इंतजार किया जा रहा है।
अमरीकी टैरिफ नीति से भी हालात बदलने की संभावना है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। अर्जेन्टीना के किसानों को सोयाबीन की बिक्री के लिए प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता है।
