मध्य अप्रैल तक 36.60 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद
17-Apr-2026 04:53 PM
नई दिल्ली। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष मध्य अप्रैल तक भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) एवं उसकी सहयोगी प्रांतीय एजेंसियों द्वारा केन्द्रीय पूल के लिए करीब 36.60 लाख टन गेहूं खरीदा गया जो पिछले साल की समान अवधि की खरीद से 48 प्रतिशत कम रहा।
प्रमुख उत्पादक राज्यों में फसल की कटाई-तैयारी एवं मंडियों में आवक में देर होने तथा क्वालिटी की समस्या बरकरार रहने से गेहूं की सरकारी खरीद की गति धीमी चल रही है। खरीद की रफ्तार बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने राजस्थान एवं हरियाणा में गेहूं के गुणवत्ता मानकों में रियायत प्रदान कर दी है और पंजाब में भी शीघ्र ही राहत की घोषणा किए जाने की उम्मीद है।
इसके तहत गेहूं के लॉट में चिपटे एवं हरे दाने के स्वीकृत या मान्य अंश को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत नियत किया गया है। इसी तरह 50 प्रतिशत तक चमकहीन दाने वाले गेहूं की सरकारी खरीद की मंजूरी दी गई है।
जानकारों का कहना है कि ऐसे गेहूं में पौष्टिक तत्वों की तो कमी नहीं होती है लेकिन उसकी जीवनावधि छोटी होती है और इसलिए उसे ज्यादा समय तक गोदाम में नहीं रखा जा सकता। इससे उसके खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार चालू रबी मार्केटिंग सीजन में मध्य अप्रैल तक राष्ट्रीय स्तर पर करीब 63.70 लाख टन गेहूं की आवक हुई जिसमें से 36.60 लाख टन या 57 प्रतिशत की खरीद केन्द्रीय पूल के लिए की गई। हालांकि पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान जैसे राज्यों में गेहूं की सरकारी खरीद जारी है लेकिन इसकी गति धीमी देखी जा रही है।
मध्य प्रदेश में केवल 1,99,131 टन गेहूं खरीदा गया जो गत वर्ष से 95 प्रतिशत पीछे है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में 57 प्रतिशत तथा राजस्थान में 49 प्रतिशत कम गेहूं खरीदा गया है। पंजाब में खरीद 6 प्रतिशत गिरकर 2,46,161 टन रह गई लेकिन हरियाणा में यह 22 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि के साथ 28.70 लाख टन पर पहुंच गई।
