अर्जेन्टीना में सोयाबीन की बिक्री की गति 11 वर्षों में सबसे धीमी

02-May-2025 05:45 PM

ब्यूनस आयर्स। यद्यपि लैटिन अमरीकी देश- अर्जेन्टीना में सोयाबीन की नई फसल की जोरदार कटाई-तैयारी आरंभ हो गई है लेकिन किसान अपने स्टॉक की बिक्री करने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं

उल्लेखनीय है कि ब्राजील और अमरीका के बाद अर्जेन्टीना दुनिया में सोयाबीन का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक देश है जबकि सोयातेल एवं सोया मील के निर्यात में प्रथम स्थान पर रहता है। भारत में सोयाबीन तेल का सर्वाधिक आयात अर्जेन्टीना से ही किया जाता है। 

हालांकि मौद्रिक विनिमय दर पर नियंत्रण में कुछ ढील दी गई है जिससे अर्जेन्टीना के राष्ट्रपति को सोयाबीन की बिक्री की गति बढ़ने की उम्मीद है लेकिन कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि बिक्री की रफ्तार अब भी बहुत धीमी है।

2024-25 के वर्तमान सीजन के दौरान अर्जेन्टीना में कुल 490 लाख टन सोयाबीन के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है जिसमें से अभी तक केवल 24 प्रतिशत भाग की बिक्री संभव हो पाई है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार 23 अप्रैल से पूर्व के सात दिनों के दौरान किसानों द्वारा करीब 7.14 लाख टन सोयाबीन की बिक्री की गई। इसका मतलब यह हुआ कि रोजाना औसतन महज 1.02 लाख टन की बिक्री हुई। यदि यही रफ्तार रही तो 490 लाख टन के कुल उत्पादन को बेचने में एक साल से भी अधिक समय लग जाएगा। 

अर्जेन्टीना की स्थानीय मुद्रा- पेसो की विनिमय दर अमरीकी डॉलर के सापेक्ष अभी सोयाबीन उत्पादकों के लिए आकर्षक नहीं है और इसमें बदलाव होने में भी संशय बना हुआ है।

इसके अलावा वहां सोयाबीन की कटाई-तैयारी में भी भारी वर्षा के कारण दिक्कत हो गई। इससे कई क्षेत्रों में किसानों के पास सही समय पर फसल का स्टॉक नहीं पहुंच सका। चालू सप्ताह तक वहां सोयाबीन की बिक्री की गति पिछले एक दशक की तुलना में धीमी बनी हुई थी। 

अर्जेन्टीना के पड़ोसी देश- ब्राजील में सोयाबीन फसल की कटाई-तैयारी समाप्त हो चुकी है और इसका विशाल निर्यात भी हो रहा है। अमरीकी टैरिफ के कारण चीन में ब्राजील से सोयाबीन का आयात बढ़ाया जा रहा है। अर्जेन्टीना से भी सोयाबीन एवं इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।