अर्जेन्टीना में सोयाबीन की कटाई पूरी- गेहूं की हालत अच्छी
15-Jul-2025 03:20 PM
ब्यूनस आयर्स। लैटिन अमरीकी देश- अर्जेन्टीना में 2024-25 सीजन के लिए सोयाबीन फसल की कटाई-तैयारी समाप्त हो चुकी है और इसका अंतिम उत्पादन 503 लाख टन आंका गया है। ब्यूनस आयर्स ग्रेन्स एक्सचेंज के अनुसार चालू सीजन का उत्पादन गत वर्ष से करीब एक लाख टन अधिक रहा।
उल्लेखनीय है कि अर्जेन्टीना दुनिया में सोयाबीन का तीसरा सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है जबकि सोयाबीन तेल एवं सोया मील के निर्यात में सबसे आगे रहता है। हालांकि इस बार ग्रीष्मकाल के दौरान अर्जेन्टीना में मौसम काफी गर्म और शुष्क रहा था मगर पतझड़ के सीजन में अच्छी वर्षा होने से फसल की हालत सुधर गई।
एक्सचेंज के अनुसार अर्जेन्टीना में 10 वर्ष पूर्व सोयाबीन का उत्पादन बढ़कर 608 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था लेकिन उसके बाद यह घटकर नीचे आ गया। इस बार 503 लाख टन के उत्पादन को सामान्य एवं संतोषजनक माना जा रहा है।
जहां तक मक्का का सवाल है तो अब तक करीब 62 प्रतिशत क्षेत्रफल में इसकी फसल की कटाई-तैयारी पूरी हुई है। एक्सचेंज ने 2024-25 के सम्पूर्ण सीजन में मक्का का कुल उत्पादन 490 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है। ध्यान देने की बात है कि अर्जेन्टीना दुनिया में मक्का का तीसरा सबसे बढ़ा निर्यातक और चौथा सबसे प्रमुख उत्पादक देश है।
अर्जेन्टीना में 2025-26 सीजन के लिए 67 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से 78 प्रतिशत से अधिक भाग में बोआई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि चालू माह के अंत तक इसकी बिजाई शेष भाग में भी हो जाएगी।
वहां तापमान घटकर काफी नीचे आ गया है और ठंड का प्रकोप बढ़ गया है जो गेहूं की फसल के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। अर्जेन्टीना दुनिया में गेहूं के सात शीर्ष निर्यातक देशों की सूची में शामिल है।
भारत में सोयाबीन तेल का सर्वाधिक आयात अर्जेन्टीना से ही होता है जबकि वहां से अच्छी मात्रा में सूरजमुखी तेल भी मंगाया जाता है। नवम्बर 2024 से जून 2025 के आठ महीनों के दौरान भारत में खाद्य तेलों का सबसे ज्यादा आयात अर्जेन्टीना से ही किया गया।
