अर्जेंटीना से महज 4 दिनों में 5 लाख टन सोयाबीन तेल की खरीद

30-Sep-2025 01:13 PM

मुंबई। भारतीय रिफाइनर्स द्वारा अर्जेंटीना से 22-25 सितम्बर के दौरान करीब 5 लाख टन क्रूड डिगम्ड सोयाबीन तेल के आयात का अनुबंध किया गया, जो अब तक का एक नया रिकॉर्ड है। उधर चीन ने भी मौके का फायदा उठाकर अर्जेंटीना से करीब 10 लाख टन सोयाबीन का आयात सौदा कर दिया। दरअसल लैटिन अमेरिकी देश अर्जेंटीना की सरकार ने विदेशी मुद्रा उपार्जन के लिए 22 सितम्बर से सोयाबीन एवं इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों पर निर्यात शुल्क को स्थगित कर दिया था। इस अस्थायी उपाय के तहत निर्यातकों को 31 अक्टूबर 2025 तक अथवा 7 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों के कन्फर्म निर्यात अनुबंध पूरे होने तक सोयाबीन, सोया तेल, सोया मील, मक्का तथा गेहूं आदि के शुल्क-मुक्त निर्यात की अनुमति दी गई थी। लेकिन विदेशी खरीदारों की मांग इतनी जबरदस्त रही कि निर्यात शुल्क स्थगन की घोषणा के बाद अगले दो दिनों में ही निर्यातकों ने 7 अरब डॉलर मूल्य के निर्यात अनुबंधों का लक्ष्य हासिल कर लिया।
एक अग्रणी व्यापार विश्लेषक के मुताबिक शुरुआती चार दिनों के दौरान भारतीय आयातकों द्वारा 1100 डॉलर प्रति टन की दर से सोयाबीन तेल की खरीद का अनुबंध किया गया, जो उससे पूर्व प्रचलित मूल्य से 30-40 डॉलर प्रति टन नीचे था। उल्लेखनीय है कि जुलाई में अर्जेंटीना सरकार ने उपरोक्त उत्पादों के निर्यात शुल्क ढांचे में बदलाव किया था और जनवरी में भी इसमें थोड़ी कटौती की थी। अर्जेंटीना में विदेशी मुद्रा और खासकर अमेरिकी डॉलर की भारी कमी के कारण न केवल अर्थव्यवस्था लड़खड़ाने लगी है बल्कि मुद्रा पेसो की विनिमय दर भी डॉलर की तुलना में लुढ़ककर काफी नीचे आ गई है। इसे देखते हुए सरकार ने 7 अरब डॉलर की राशि जुटाने का फैसला किया और प्रमुख कृषि उत्पादों पर निर्यात शुल्क को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया। मगर यह लक्ष्य दो दिनों में ही प्राप्त हो गया।
भारत दुनिया में खाद्य तेलों का सबसे बड़ा आयातक देश है, जहाँ प्रतिमाह औसतन 3 लाख टन सोया तेल का आयात किया जाता है। नवम्बर 2024 से अगस्त 2025 के 10 महीनों के दौरान भारत में करीब 24 लाख टन क्रूड सोयाबीन तेल का आयात किया गया। सितम्बर में इसकी मात्रा काफी हद तक स्थिर रहने की संभावना है लेकिन अक्टूबर में आयात बढ़ने के आसार हैं।