अशांत माहौल के कारण बांग्ला देश में भारतीय उत्पादों के निर्यात में गिरावट
06-Dec-2024 01:14 PM
नई दिल्ली । बांग्ला देश में पिछले कई महीनों से राजनैतिक अशांति एवं अराजकता का माहौल कायम है और कटटर पंथी संगठनों द्वारा भारतीय उत्पादों के आयात को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। ये संगठन भारत से आयात पर प्रतिबंध लगाने के लिए भी सरकार पर दबाव डाल रहे हैं।
पिछले दिन वहां भारतीय साड़ियों को सार्वजनिक रूप से जलाने की घटना भी सामने आई। बांग्ला देश में अभी हालात सचमुच बहुत खराब है और वहां की सरकार कटटरपंथियों के आगे नतमस्तक हो गई है।
भयंकर अराजक माहौल के कारण भारत से बांग्ला देश को रत्न-आभूषण, कृत्रिम गहनों, इंजीनियरिंग के सामानों, ऑयलमील तथा रूई आदि के निर्यात की गति बहुत धीमी पड़ गई है।
भारत के रूई, कॉटन यार्न एवं वस्त्र उत्पादों के निर्यातकों को बांग्ला देसी आयातकों से भुगतान प्राप्त करने में देरी और कठिनाई हो रही है।
वहां आयातक स्वदेशी मुद्रा यानी बांग्ला देशी टका में भुगतान जमा करने के लिए विवश हो रहे हैं क्योंकि अमरीकी डॉलर का अभाव महसूस होने लगा है। डॉलर की कमी से बैंकों को टका को डॉलर में कन्वर्ट करने में भारी कठिनाई हो रही है जिससे भुगतान में देर होने लगी है।
इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद के मुताबिक प्राइवेट उद्यमियों की मांग कमजोर पड़ गई है और भारत के प्रति बांग्ला देश सरकार की धारणा बदल कर नकारात्मक हो गई है। सरकारी तौर पर आयात का आर्डर बंद हो गया है।
भारतीय बैंकों ने लेटर ऑफ क्रेडिट को स्वीकार करना भी बंद कर दिया है। भारत और बांग्ला देश के सीमावर्ती पेट्रापोल एवं बीनापोल चेक प्वाइंट पर सिक्योरिटी बहुत सख्त हो गई है जिससे स्थलीय मार्ग से द्विपक्षीय व्यापार लगभग ठप्प पड़ गया है।
जहां तक गहने-जेवरात की बात है तो भारत से वहां इसके निर्यात में 11 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है। वहां ऑयल मील का निर्यात भी घटने लगा है।
