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23-Oct-2026 06:15 PM
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ऊंचे भाव और आयात लागत बढ़ने से घरेलू काबुली चना बाजार को समर्थन मिल रहा है। वहीं, मध्य प्रदेश से निर्यात की चर्चा और नई फसल आने में अभी समय होने के कारण बाजार में उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है।
इन परिस्थितियों में काबुली चने की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है, हालांकि आगे की चाल घरेलू मांग, निर्यात और आयात की स्थिति पर निर्भर करेगी। भारतीय बंदरगाहों पर पहले से उपलब्ध माल का अधिकांश हिस्सा निपटने की जानकारी मिल रही है।
दूसरी ओर, कनाडा से आने वाले काबुली चने के भाव मुंद्रा, मुंबई और कोलकाता सहित प्रमुख बंदरगाहों पर ऊंचे बताए जा रहे हैं। इससे दिल्ली सहित उत्तर भारत की मंडियों में आयातित माल की पहुंच लागत बढ़ रही है और घरेलू बाजार में कीमतों को समर्थन मिल रहा है।
हालिया तेजी के दौरान काबुली चने के भाव में लगभग ₹400–500 प्रति क्विंटल का उछाल दर्ज किया गया है। इसके बाद महाराष्ट्र में मीडियम क्वालिटी के काबुली चने के भाव ₹9,600–9,700 प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गए हैं।
मोटे माल में भी करीब ₹500–700 प्रति क्विंटल की तेजी बताई जा रही है। हल्की क्वालिटी के माल में भी गुणवत्ता के अनुसार भाव मजबूत हुए हैं। नई काबुली चने की फसल की बुवाई अगले महीने शुरू होने की संभावना है, जबकि नई उपज बाजार में आने में अभी लगभग पांच महीने का समय शेष है। इस बीच यदि मंडियों में उपलब्धता सीमित रहती है और आयात महंगा बना रहता है, तो कीमतों को समर्थन मिल सकता है।