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23-Oct-2026 07:26 PM
मुम्बई। बिजाई क्षेत्र में थोड़ी कमी आने तथा मौसम एवं वर्षा की हालत पूरी तरह फसल के अनुकूल नहीं होने से 2026-27 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन में कपास का उत्पादन घटने की संभावना है जिससे इसकी कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल जारी रहने की संभावना है।
ध्यान देने की बात है कि रूई के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा 31 अक्टूबर को समाप्त होने वाली है और सरकार ने अभी तक इसे आगे बढ़ाने के लिए कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। इससे भी बाजार पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ रहा है। वैश्विक बाजार में रूई का भाव तेज होने लगा है।
उत्तरी राज्यों के साथ-साथ महाराष्ट्र में भी कपास के रकबे में इस बार गिरावट आई है। महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में सूखे का संकट बरकरार है। तेलंगाना में भी बारिश कम हुई है। इससे फसल की प्रगति में बाधा उत्पन्न हुई।