अत्यन्त भारी वर्षा होने से मराठवाड़ा में खरीफ फसलों को नुकसान
18-Aug-2025 08:39 PM
नांदेड। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा संभाग में पिछले तीन दिनों से हो रही अत्यन्त मूसलाधार बारिश के कारण नांदेड, वाशिम, हिंगोली एवं संभाजी नगर जैसे जिलों में बाढ़ का परिदृश्य उपस्थित हो गया है, खेत जलमग्न हो गया है और खरीफ फसलों को भारी नुकसान हो रहा है।
नांदेड जिले में अरहर (तुवर) एवं सोयाबीन के खेतों में पानी भर गया है और पौधे उसमें डूब गए हैं। निचले इलाकों में हालात अत्यन्त खराब है क्योंकि वहां से पानी की निकासी होना मुश्किल है। अब किसान राजस्व अधिकारियों के आने का इंतजार कर रहे हैं ताकि फसलों को हुई क्षति का आंकलन हो सके।
महाराष्ट्र के कृषि मंत्री का कहना है कि फसलों की क्षति के आंकलन के कई मामले पहले से ही लंबित हैं और इसलिए नए नुकसान का आंकलन करने में कम से कम 72 घंटे का समय लग सकता है।
हालांकि 17 अगस्त की शाम से बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार आना शुरू हुआ जोकि प्रभावित इलाकों में भारी वर्षा का दौर थम गया लेकिन आपदा प्रबंधन दल को पूरे क्षेत्र को खाली करवाने एवं राहत-बचाव कार्य को जारी रखने के लिए अथक प्रयास करना पड़ रहा है। निचले इलाकों में आई बाढ़ से सिर्फ फसलों को ही नहीं बल्कि मकानों एवं सड़कों को भी भारी नुकसान हुआ है।
मराठवाड़ा संभाग के विभिन्न भागों में गोदावरी तथा वेन गंगा नदी के साथ-साथ उसकी कई सहायक नदियों में बाढ़ आ गई जिससे जिला मुख्यालयों से अनेक गांवों का संपर्क टूट गया, सड़कें छिन्न-भिन्न हो गई और लोगों का जीवन कष्टदायक हो गया। मराठवाड़ा संभाग में आठ जिले हैं।
शनिवार एवं रविवार (16-17 अगस्त) को 24 घटने के अंदर ही वहां हिंगोली में 74 मि०मी०, नांदेड में 68 मि०मी० तथा छत्रपति संभाजी नगर जिलों में 27 मि०मी० की भारी वर्षा हो गई।
नांदेड जिले के सरसाम तथा हिमापत नगर और हिंगोली जिले के कलमनूरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने संभाजी नगर, लातूर, जालना तथा फीड जिलों में 18 अगस्त को तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया था जबकि शेष जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
