अत्यधिक बारिश एवं बाढ़ से कर्नाटक में खरीफ फसलों को भारी क्षति

01-Oct-2025 04:12 PM

बंगलोर। दक्षिण भारत के एक प्रमुख कृषि उत्पादक प्रान्त- कर्नाटक में अत्यधिक बारिश होने तथा कुछ क्षेत्रों में बाढ़ आने से 9.60 लाख हेक्टेयर भूमि में खरीफ फसलों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिल रही है।

राज्य के मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों कलबुर्गी एवं यदगीर जैसे जिलों में हवाई सर्वेक्षण के जरिए फसलों की स्थिति का जायजा लिया जहां बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति बेहद खराब पाई गई। 

आरंभिक सर्वेक्षण के अनुसार कर्नाटक में बाढ़-वर्षा से कुल 9,60,578 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलें बर्बाद हुई हैं। इसमें 8,88,953 हेक्टेयर में मुख्य खरीफ फसलें तथा शेष 71,626 हेक्टेयर में बागवानी फसलें शामिल हैं।

अत्यधिक बारिश एवं बाढ़ के प्रकोप से खरीफ फसलों को पहले ही काफी नुकसान हो चुका है मगर समस्या अभी समाप्त नहीं हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब वापस लौट रहा है और इसकी चुनौती को झेलना के लिए किसानों को विवश होना पड़ सकता है। 

मुख्यमंत्री के अनुसार राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) के दिशा निर्देश के अनुरूप शुष्क भूमि के किसानों को 8500 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा मिलेगा जबकि इतनी ही राशि राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी।

इस तरह किसानों को प्रति हेक्टेयर 17,000 रुपए की दर से मुआवजा प्राप्त होगा। इसी तरह सिंचित इलाकों में किसानों को कुल 25,500 रुपए प्रति हेक्टेयर की क्षतिपूर्ति प्राप्त होगी जिसमें 17,000 रुपए एनडीआरएफ से तथा 8500 रुपए राज्य सरकार की ओर से प्रदान किए जायेंगे।

बहुवर्षीय फसलों को हुए नुकसान के एवज में किसानों को 22,500 रुपए का मुआवजा एनडीआरएफ से तथा 8500 रुपए प्रति हेक्टेयर का मुआवजा राज्य सरकार से मिलेगा।

राज्य में बाढ़ वर्षा से अरहर (तुवर), उड़द, मूंग, कपास तथा सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलों को भारी क्षति हुई है। उत्तर कर्नाटक में दलहन, कपास एवं सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान होने की पुष्टि हो चुकी है।