बंगाल में धान का उत्पादन पिछले साल से भी ज्यादा होने की उम्मीद
10-Jul-2025 11:46 AM
कोलकाता। भारत के सबसे प्रमुख चावल उत्पादक राज्य- पश्चिम बंगाल में 2024-25 सीजन के दौरान धान का कुल उत्पादन बढ़कर 256 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था जबकि 2025-26 के वर्तमान सीजन में उत्पादन उससे भी अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने वर्तमान खरीफ सीजन के लिए राज्य में धान के उत्पादन क्षेत्र का लक्ष्य बढ़ाकर 42 लाख हेक्टेयर निर्धारित किया है जो 2024-25 सीजन के क्षेत्रफल 41.50 लाख हेक्टेयर से 50 हजार हेक्टेयर ज्यादा है।
बंगाल के ग्रामीण विकास मंत्री का कहना है कि राज्य में अभी तक लगभग 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई हो चुकी है और सरकार को पक्का भरोसा है कि धान के उत्पादन क्षेत्र का पूरा लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
इस वर्ष राज्य में मानसून की बारिश नियत समय से पहले आरंभ हो गई जिससे किसानों को धान की रोपाई जल्दी शुरू करने का अवसर मिल गया। इस वर्ष जुलाई के अंत तक धान की रोपाई का कार्य पूरा हो जाने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में धान की रोपाई आमतौर पर जून के अंतिम दिनों से आरंभ होती है और मध्य सितम्बर तक जारी रहती है।
मानसून की बारिश के आधार पर रोपाई का समय बदलता रहता है। इस बार बारिश जल्दी और अच्छी हुई है (अब भी हो रही है) इसलिए धान की रोपाई का अभियान भी जल्दी समाप्त हो सकता है।
बंगाल लम्बे समय से देश में धान-चावल का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य बना हुआ है। वहां खरीफ के साथ-साथ रबी तथा ज्यादा सीजन में भी धान की खेती होती है।
2024-25 के सम्पूर्ण सीजन के दौरान राज्य में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का उत्पादन तेजी से बढ़कर 256 लाख टन पर पहुंच गया जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर रहा।
सरकार हमेशा प्रयास करती है कि धान का उत्पादन पिछले सीजन से बेहतर हो। इसके लिए किसानों को हर संभव सहायता प्रदान की जाती है।
चालू वर्ष के दौरान भी राज्य में धान उत्पादन का पिछला रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है। ग्रामीण विकास मंत्री के अनुसार पश्चिम बंगाल धान-चावल के उत्पादन में नम्बर वन पोजीशन पर बरकरार है
और आगे भी सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य बना रहेगा। पिछले रबी सीजन के दौरान बंगाल में 76 लाख टन धान (बोरो) का उत्पादन हुआ था।
