भारी स्टॉक एवं कमजोर मांग से कनाडा में काबुली चना का भाव नरम

09-Jan-2026 08:08 PM

रेगिना। कनाडा के साथ-साथ अमरीका के उत्पादकों एवं व्यापारियों के पास भी काबुली चना का भारी-भरकम स्टॉक है और विभिन्न मंडियों में इसकी आपूर्ति की स्थिति सुगम बनी हुई है।

दूसरी ओर इसकी घरेलू एवं निर्यात मांग कमजोर देखी जा रही है। इससे कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। दिसम्बर के अंतिम एवं जनवरी के प्रथम सप्ताह के दौरान वहां काबुली चना का बाजार काफी हद तक शांत या निष्क्रिय बना रहा लेकिन अब धीरे-धीरे वहां कारोबारी हलचल बढ़ने की उम्मीद है। 

व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक कीमतों में गिरावट आने से काबुली चना की लिवाली में खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। कनाडा तथा अमरीका के उत्पादकों एवं निर्यातकों को इसकी सख्त जरूरत भी है।

वैश्विक स्तर पर स्थिति का अवलोकन करने से पता चलता है कि भारत में रबी कालीन दलहन फसलों की बिजाई अंतिम चरण में पहुंच गई है और चना (काबुली सहित) का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष से आगे चल रहा है।

उधर मैक्सिको में भी काबुली चना की बिजाई हो रही है और वहां भी रकबा बढ़ने की सूचना मिल रही है। यदि मौसम अनुकूल रहा तो इन दोनों देशों में उत्पादन बढ़ सकता है। 

ऑस्ट्रेलिया में देसी चना का उत्पादन नए रिकॉर्ड स्तर पर तो नहीं पहुंच सका लेकिन फिर भी शानदार हुआ है। वहां फसल की कटाई-तैयारी समाप्त हो चुकी है जबकि भारत और मैक्सिको में फरवरी-मार्च के दौरान आरम्भ होगी। मैक्सिको में वर्षा कुछ कम हुई है इसलिए फसल की हालत पर गहरी नजर रखी जा रही है। 

पश्चिमी कनाडा की मंडियों में नंबर 2 क्वालिटी के काबुली चना का भाव घटकर 25 सेंट प्रति पौंड पर आ गया है जबकि सर्वोत्तम किस्म के बड़े दाने वाले माल का दाम इससे कुछ ऊंचा बताया जा रहा है।