भारी वर्षा एवं चक्रवाती तूफान से गुजरात में खरीफ फसलों को क्षति होने की संभावना

30-Aug-2024 03:49 PM

राजकोट । देश में मूंगफली, कपास एवं अरंडी के सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- गुजरात में अत्यन्त तेज हवा के साथ मूसलाधार वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना व्यक्त की गई है जिससे खरीफ फसलों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान होने की आशंका है।

मूसलाधार वर्षा से कई क्षेत्रों में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। वहां खरीफ सीजन की अगैती बिजाई वाली फसलों की कटाई-तैयारी आगे कुछ सप्ताहों में आरंभ होने वाली है। 

पिछले साल के मुकाबले गुजरात में चालू खरीफ सीजन के दौरान मूंगफली के उत्पादन क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है मगर कपास का क्षेत्रफल काफी घट गया है।

इतना ही नहीं बल्कि अरंडी का रकबा भी काफी पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 31 अगस्त तक गुजरात के सौराष्ट्र एवं कच्छ संभाग में आंधी-तूफान के साथ अत्यन्त भारी बारिश होने की संभावना है। वर्षा का दौरान 29 अगस्त से ही जोर पकड़ चुका है।

तटीय इलाकों में एक गहरा डिप्रेशन बना था जो आज साईक्लोन के रूप में सघन हो गया। इसके फलस्वरूप वहां 85 कि०मी० (53 मील) प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। 

व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक सौराष्ट्र संभाग में कपास और मूंगफली की खेती विशाल क्षेत्रफल में होती है। यदि आंधी-वर्षा से फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ तो घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में तेजी आ सकती है।

राज्य के कुछ भागों में पहले से ही भयंकर बाढ़ का प्रकोप बना हुआ है क्योंकि वहां चालू सप्ताह के आरंभ में जोरदार बारिश हुई थी। कुछ क्षेत्रों में महज 24 घंटे के अंदर 300 मि०मी० की जबरदस्त बारिश हो गई।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की टीम तैनात है और विभिन्न जिलों में बाढ़ के बीच फंसे करीब 500 से ज्यादा लोगों को वहां से निकालकर सुरक्षित पर पहुंचाया बढ़ा दी गई है। निचले इलाकों में पहले से ही पानी भरा हुआ है जिससे किसानों की चिंता काफी बढ़ गई हैं।