भारी वर्षा से नासिक संभाग में कपास की फसल को काफी नुकसान
04-Oct-2025 12:02 PM
नासिक। महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले महीने हुई जोरदार बारिश से खरीफ फसलों को काफी क्षति हुई है। इसके तहत नासिक संभाग में कपास की फसल को करीब 2.75 लाख हेक्टेयर भूमि में नुकसान पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है जो वहां इसके कुल क्षेत्रफल का करीब 30 प्रतिशत है। उल्लेखनीय है कि नासिक संभाग में पांच जिले- नासिक, जलगांव, धुले, नन्दूरबार तथा अहिल्या नगर शामिल है।
2025 के खरीफ सीजन के दौरान नासिक संभाग में कपास का कुल उत्पादन क्षेत्र करीब 9 लाख हेक्टेयर रहा जिसमें से लगभग 2.75 लाख हेक्टेयर या 30 प्रतिशत भाग में फसल प्रभावित होने की आशंका है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस बार कपास का बिजाई क्षेत्र जलगांव में 4.36 लाख हेक्टेयर, धुले में 1. 81 लाख हेक्टेयर, अहिल्यानगर में 1.50 लाख हेक्टेयर, नंदूरबार में 1.07 लाख हेक्टेयर तथा नासिक जिले में 30,224 हेक्टेयर दर्ज किया गया।
महाराष्ट्र के कृषि विभाग द्वारा जो आंकलन किया गया है उससे पता चलता है कि कि इन जिलों में कपास की फसल पर प्राकृतिक आपदाओं का असमान प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
अहिल्यानगर जिले में सर्वाधिक 1.36 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की फसल प्रभावित होने की आशंका है जबकि जलगांव जिले में लगभग 1.00 लाख हेक्टेयर में फसल क्षतिग्रस्त हुई है।
इसके अलावा नासिक जिले में 21,299 हेक्टेयर, धुले में 10,505 हेक्टेयर तथा नंदूरबार जिले में केवल 622 हेक्टेयर में कपास की फसल को नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है।
इन जिलों में बाढ़-वर्षा से कपास की फसल को कहीं कम तो कहीं ज्यादा क्षति हुई है। कुल नुकसान की वास्तविक तस्वीर शीघ्र ही सामने आने की संभावना है। रूई के नए माल की तुड़ाई-तैयारी में भी इस बार देर हो रही है।
