भारी वर्षा से पूर्वोत्तर क्षेत्र के बांधों का जल स्तर बढ़ा

06-Jun-2025 05:44 PM

कोलकाता । देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में मानसून के जल्दी पहुंचने तथा नियमित रूप से मूसलाधार वर्षा होने से धन-जन का भारी नुकसान हुआ है लेकिन साथ ही वहां बांधों- जलाशयों में पानी का स्तर भी कुछ ऊंचा हो गया है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र में कुल 27 जलाशय हैं जिसमें पानी की कुल भंडारण क्षमता 21.724 बीसीएम है। उसमें फिलहाल 5.678 बीसीएम पानी का स्टॉक मौजूद है।

आसाम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जलाशयों में 50 प्रतिशत से अधिक क्षमता तक पानी का स्टॉक मौजूद है जबकि इस क्षेत्र के अन्य राज्यों में स्थित बांधों में जल स्तर 50 प्रतिशत से नीचे है।

अधिकांश राज्यों में अत्यन्त मूसलाधार वर्षा होने से भयंकर बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है जिससे जान-माल का भारी नुकसान होने की खबर मिल रही है। 

उधर पश्चिमी क्षेत्र के 50 जलाशयों में 37.357 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले 11.698 बीसीएम या 31 प्रतिशत पानी का भंडार बचा हुआ है।

हालांकि अच्छी बारिश होने के कारण पानी का स्तर महाराष्ट्र के जलाशय में सुधरकर 28.88 प्रतिशत तथा गोवा के जलाशय में बढ़कर 49.78 प्रतिशत पर पहुंच गया लेकिन गुजरात में यह गिरकर 33.67 प्रतिशत पर आ गया क्योंकि वहां वर्षा का अभाव बना हुआ है।

देश के मध्यवर्ती क्षेत्र (सेन्ट्रल जोन) में भी बांधों- जलाशयों में पानी का स्तर कुछ घट गया। वहां कुल 28 जलाशयों में 14.992 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का स्टॉक मौजूद है जो कुल भंडारण क्षमता 48.588 बीसीएम का 30.86 प्रतिशत है।

इस क्षेत्र के अंतर्गत पानी का स्तर मध्य प्रदेश में 35.51 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 24.33 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 27.48 प्रतिशत और उत्तराखंड में 13.5 प्रतिशत दर्ज किया गया। 

दक्षिण- पश्चिम मानसून में ठहराव आ गया है जबकि तापमान काफी ऊंचे स्तर पर चल रहा है। बारिश का अभाव होने पर बांधों- जलाशयों में पानी का स्तर घट सकता है। इससे खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलना कठिन हो जाएगा।