भारत ब्रांड के खाद्य उत्पादों की बिक्री बंद होने की संभावना

06-Jun-2025 03:15 PM

नई दिल्ली। विभिन्न आवश्यक उपभोक्ता खाद्य उत्पादों की कीमतों में स्थिरता का माहौल बनने तथा खाद्य महंगाई में आई गिरावट को देखते हुए केन्द्र सरकार भारत सरकार 'भारत ब्रांड' के खाद्य उत्पादों की बिक्री बंद करने पर विचार कर सकती है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2025 में खाद्य महंगाई की दर घटकर महज 1.78 प्रतिशत बढ़ रही जो अप्रैल 2024 में 8.7 प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर चल रही थी। 

भारत ब्रांड के खाद्य उत्पादों की बिक्री वर्ष 2023 में उस समय शुरू की गई थी जब खाद्य उत्पादों का खुला बाजार भाव उछलकर काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। इस योजना के तहत तीन एजेंसियों- नैफेड, एनसीसीएफ तथा केन्द्रीय भंडार के खुदरा आउटलेट्स के माध्यम से आम लोगों को रियायती मूल्य पर गेहूं का आटा, चावल, साबुत चना एवं कुछ अन्य दालों की आपूर्ति की जा रही है। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 2024-25 के मार्केटिंग सीजन के दौरान देश में गेहूं चावल तथा मक्का का उत्पादन बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया जबकि चना, तुवर एवं मसूर का उत्पादन भी पिछले साल से बेहतर हुआ। इसके फलस्वरूप कीमतों पर दबाव पड़ने लगा है। लेकिन सरकार भारत ब्रांड के उत्पादों की बिक्री रोकने में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाना चाहेगी क्योंकि बाजार में तेजी का माहौल पुनः बनने की आशंका उत्पन्न हो सकती है। गेहूं पर भंडारण सीमा लागू की जा चुकी है। दाल-दलहनों का भाव स्थिर या नरम बना हुआ है। जब तक कोई ठोस या स्थायी संकेत नजर नहीं आएगा तब तक महंगाई के मुद्दे पर सरकार कोई अतिरिक्त जोखिम उठाना पसंद नहीं करेगी।