भारत ब्रांड के तहत बिक्री हेतु 5-5 लाख टन चावल एवं गेहूं का आवंटन
22-Aug-2025 12:29 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने अपने भारत ब्रांड योजना के अंतर्गत बिक्री के लिए 5 लाख टन चावल तथा 5 लाख टन गेहूं का आवंटित किया है।
चावल का बिक्री मूल्य 34 रुपए प्रति किलो तथा इस गेहूं से निर्मित आटे का बिक्री मूल्य 32-33 रुपए प्रति किलो हो सकता है जबकि पहले आटा का दाम 30 रुपए प्रति किलो निर्धारित किया गया था।
इसका कारण यह बताया गया है कि पिछले साल गेहूं की खरीद 2275 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की गई थी जबकि चालू वर्ष के दौरान 2425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से हुई।
जहां तक चावल का सवाल है तो इसका पुराना स्टॉक ही बेचा जाएगा इसलिए इसके बिक्री मूल्य में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पहले भारत आटा में सोयामील के मिश्रण का प्लान बनाया गया था मगर अब इसे स्थगित कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि पुराने आवंटित कोटे की बिक्री होने के बाद जून में भारत ब्रांड के तहत चावल और आटा की बिक्री बंद कर दी गई थी लेकिन अब इसे दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है ताकि त्यौहारी सीजन के दौरान आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सके।
ध्यान देने की बात है कि भारत आटा की बिक्री सर्वप्रथम 6 नवम्बर 2023 से आरंभ हुई थी जबकि 6 फरवरी 2024 से भारत ब्रांड चावल की बिक्री भी शुरू कर दी गयी।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत ब्रांड के अंतर्गत अभी तक करीब 19 लाख टन गेहूं एवं लगभग 18 लाख टन चावल का आवंटन एवं विपणन हो चुका है।
वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आगे यदि आवश्यकता पड़ी तो गेहूं एवं चावल का अतिरिक्त कोटा आवंटित किया जा सकता है। फिलहाल महंगाई दर नीचे है और इसलिए खाद्यान्न का कोटा गत वर्ष के मुकाबले काफी छोटा रखा गया है।
सरकार चावल-आटा की खुदरा मांग पर नजर रखेगी और इसके अनुरूप जरूरत पड़ने पर ज्यादा स्टॉक आवंटित करने का निर्णय लेगी।
तीन सरकारी एजेंसियों- केन्द्रीय भंडार, भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नैफेड) तथा राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) के बीच चावल तथा गेहूं के इस आवंटित कोटे का वितरण किया जाएगा।
ये एजेंसियां चावल की तो सीधी बिक्री करेंगी लेकिन गेहूं की पहले मिलिंग एवं पैकिंग करवाएंगी और फिर उससे निर्मित आटे की बिक्री करेंगी।
